Rohtas News : रोहतास जिले के राजकीय डिग्री महाविद्यालय, शिवसागर में सोमवार को नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम और नई शिक्षा नीति की प्रमुख विशेषताओं से अवगत कराया गया. इस दौरान कॉलेज प्रशासन ने छात्रों से अनुशासन और नियमित अध्ययन को सफलता की कुंजी बताया.
शिक्षा से बनता है व्यक्तित्व, केवल डिग्री नहीं
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और जीवन को सही दिशा देने का आधार है. उन्होंने छात्रों से ज्ञान अर्जित करने की जिज्ञासा विकसित करने, अनुशासन का पालन करने और नियमित अध्ययन करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि ज्ञान जीवन में प्रकाश का कार्य करता है, जबकि अज्ञान अंधकार के समान है.
चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की बताई विशेषताएं
कॉलेज के कोषाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की संरचना, क्रेडिट प्रणाली, विषय चयन की प्रक्रिया और नई शिक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने छात्रों को अपनी रुचि और भविष्य की योजनाओं के अनुरूप विषयों का चयन करने की सलाह दी, ताकि उन्हें आगे बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें.
छात्रों को नियमित शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने की सलाह
अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. धीरेंद्र कुमार रॉय ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए महाविद्यालय के संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की अपील की. कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
प्राचार्य और कोषाध्यक्ष का किया गया सम्मान
दीक्षारंभ कार्यक्रम से पूर्व मध्य विद्यालय आलमपुर के प्रधानाध्यापक लक्ष्मण प्रसाद ने राजकीय डिग्री महाविद्यालय शिवसागर के प्राचार्य प्रो. डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय और कोषाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार पांडेय को शॉल, पेन और डायरी भेंट कर सम्मानित किया. इस अवसर पर प्राचार्य ने महाविद्यालय की कार्यप्रगति और भावी योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए आलमपुर क्षेत्र में डिग्री कॉलेज शुरू होने पर सभी को बधाई दी और सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम में कॉलेज एवं मध्य विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे.
