Rohtas News : रोहतास जिला में लगातार हो रही बारिश के बाद चेनारी प्रखंड और नगर पंचायत क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है. जलजमाव और गंदगी के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है.
जलजमाव बना मच्छरों का ठिकाना बारिश के बाद चेनारी नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर नालियों में गंदा पानी जमा है. खाली पड़े गड्ढों और जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों का तेजी से प्रजनन हो रहा है. शाम होते ही बाजार, मोहल्लों और गांवों में मच्छरों का आतंक लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है.
इन बीमारियों का बढ़ा खतरा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी मच्छरजनित बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है. चिकित्सकों ने बताया कि मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर और डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है.
लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच तेज बुखार, कंपकंपी, सिरदर्द, बदन दर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी, कमजोरी या प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराने की सलाह दी गई है. बुखार को सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज करना गंभीर साबित हो सकता है.
स्वास्थ्य विभाग ने दिए बचाव के उपाय विभाग ने लोगों से घरों की छत, कूलर, गमले, टायर, ड्रम, बाल्टी और अन्य बर्तनों में पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है. आसपास जलजमाव होने पर उसे तुरंत हटाने, नालियों की नियमित सफाई कराने, रात में मच्छरदानी का उपयोग करने तथा पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है. जरूरत पड़ने पर मच्छर भगाने वाली क्रीम या कॉइल का उपयोग करने और फॉगिंग अभियान में स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करने को भी कहा गया है.
समय पर इलाज से बच सकती है जान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेनारी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि लगातार बुखार या मच्छरजनित बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेनारी या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करानी चाहिए. सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच और उपचार सहित आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं. समय पर पहचान और इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है.
