Bihar News: सासाराम में लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मॉडल अस्पताल भवन अब भी पूरी तरह चालू नहीं हो पाया है. अस्पताल का उद्घाटन करीब नौ महीने पहले कर दिया गया था, लेकिन आज तक यहां नियमित स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं. ऐसे में मरीजों और आम लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल का निर्माण आधुनिक सुविधाओं के साथ किया गया था, जिससे शहर और आसपास के मरीजों को बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद जगी थी. लेकिन उद्घाटन के लंबे समय बाद भी अस्पताल केवल भवन बनकर रह गया है.
उपकरणों की खरीद और स्थापना का काम अधूरा
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में कई जरूरी चिकित्सीय उपकरणों की खरीद और स्थापना अब तक पूरी नहीं हुई है. इसके कारण अस्पताल में ओपीडी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने में देरी हो रही है.
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कुछ तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं अभी बाकी हैं. उपकरण उपलब्ध होने और आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद ही अस्पताल को पूरी तरह चालू किया जा सकेगा.
मरीजों को नहीं मिल रही सुविधा
मॉडल अस्पताल के शुरू नहीं होने से मरीजों को अब भी पुराने सदर अस्पताल या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है. गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर अस्पताल बनाया, लेकिन समय पर सेवाएं शुरू नहीं होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. लोगों ने जल्द अस्पताल को चालू करने की मांग की है.
सुरक्षा और रखरखाव भी बन रहा चुनौती
अस्पताल भवन लंबे समय से बंद रहने के कारण उसके रखरखाव और सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है। कई जगहों पर धूल और गंदगी जमा होने लगी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द अस्पताल शुरू नहीं हुआ तो करोड़ों की लागत से बना यह भवन धीरे-धीरे बदहाल होने लगेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल को जल्द चालू करने की दिशा में काम किया जा रहा है. आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होते ही यहां स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी. हालांकि अब तक कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई है.
