ज्ञानदीप पोर्टल अपडेट नहीं करने वाले निजी स्कूलों पर होगी कार्रवाई, चेतावनी

प्रस्वीकृति प्राप्त निजी स्कूलों को ज्ञानदीप पोर्टल पर इंटेक कैपेसिटी और स्कूल बेसिक इन्फॉर्मेशन अपडेट नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी

दो दिन में इंटेक कैपेसिटी व बेसिक जानकारी अपडेट नहीं हुई, तो रद्द होगी प्रस्वीकृतिफोटो-7- जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालयप्रतिनिधि, सासाराम ऑफिस

शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12 (1) सी के तहत प्रस्वीकृति प्राप्त निजी स्कूलों को ज्ञानदीप पोर्टल पर इंटेक कैपेसिटी और स्कूल बेसिक इन्फॉर्मेशन अपडेट नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी. इसे लेकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा व सर्व शिक्षा अभियान) रोहतास ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय के अंदर पोर्टल अपडेट नहीं करने वाले स्कूलों की प्रस्वीकृति रद्द कर दी जायेगी. इस संबंध में जारी पत्र में डीपीओ ने कहा है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में आरटीइ एक्ट की धारा 12 (1) (सी) के अंतर्गत वर्ग 01 में 25 प्रतिशत अलाभकारी समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों का नामांकन ऑनलाइन लिया जाना है. इसके लिए सभी प्रस्वीकृति प्राप्त निजी स्कूलों को ज्ञानदीप पोर्टल पर अपनी इंटेक कैपेसिटी और स्कूल से जुड़ी मूलभूत जानकारी अपडेट करनी आवश्यक है. इसके बावजूद जिले के कई निजी स्कूलों ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, जिसे विभागीय आदेश की अवहेलना और कार्य के प्रति लापरवाही माना गया है.

दो दिन की अंतिम मोहलत

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि सभी संबंधित स्कूल दो दिनों के अंदर ज्ञानदीप पोर्टल पर इंटेक कैपेसिटी और स्कूल बेसिक इन्फॉर्मेशन अपडेट कर इसकी सूचना कार्यालय को दें. तय समय सीमा में अनुपालन नहीं होने की स्थिति में संबंधित स्कूलों की प्रस्वीकृति रद्द कर दी जायेगी. साथ ही सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों को सूचित कर पोर्टल अपडेट कराना सुनिश्चित करें.

100 से अधिक स्कूलों की सूची जारी

इंटेक कैपेसिटी और बेसिक जानकारी अपडेट नहीं करने वाले स्कूलों की सूची भी विभाग ने सार्वजनिक की है. इसमें कोचस, दिनारा, दावथ, बिक्रमगंज, करगहर, नासरीगंज, संझौली, नोखा, चेनारी, शिवसागर, राजपुर, सूर्यपुरा, तिलौथू, नौहट्टा, अकोढ़ीगोला और सासाराम प्रखंड के 100 से अधिक निजी स्कूल शामिल हैं. सूची में कई प्रमुख स्कूलों के नाम दर्ज हैं. शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि आरटीइ के तहत कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के नामांकन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सभी निजी स्कूलों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जायेगी.

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Author: ANURAG SHARAN

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