Rohtas News : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोचस में शुक्रवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत 64 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (ANC) की गई. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. तुषार कुमार ने बताया कि जांच के दौरान 52 गर्भवती महिलाओं को हाई रिस्क श्रेणी में पाया गया. इन महिलाओं को शनिवार को अस्पताल में भर्ती कर उचित इलाज और निगरानी की जाएगी.
ब्लड प्रेशर से लेकर टीबी स्क्रीनिंग तक हुई जांच
प्रखंड के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंची गर्भवती महिलाओं की ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप, VDRL, यूरिन, RH फैक्टर और टीबी स्क्रीनिंग समेत अन्य आवश्यक जांच की गई. जांच के बाद महिलाओं को आयरन और कैल्शियम की दवाएं उपलब्ध कराई गईं.
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में भर्ती करने की तैयारी
जांच में 52 महिलाओं के हाई रिस्क पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें विशेष निगरानी में रखने का निर्णय लिया है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि इन महिलाओं को शनिवार को अस्पताल में भर्ती कर आवश्यक इलाज किया जाएगा.
गर्भावस्था में सावधानी और परिवार नियोजन की दी जानकारी
जांच के दौरान गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई. चिकित्सकों ने प्रसव के बाद अगली गर्भावस्था से बचाव के लिए स्थायी और अस्थायी परिवार नियोजन विधियों के बारे में भी जागरूक किया.
CHC में अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं, निजी केंद्र जाने को मजबूर महिलाएं
सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को चिलचिलाती धूप में जांच के लिए निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का रुख करना पड़ा. इससे महिलाओं में नाराजगी देखी गई. महिलाओं का कहना था कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच के लिए आने के बाद भी अल्ट्रासाउंड जैसी जरूरी सुविधा के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ रहा है.
मौके पर बीएचएम मतिऊर रहमान ताज, बीसीएम अजय कुमार, एएनएम संगीता कुमारी, ज्योति कुमारी, रिंकी कुमारी, चिंता देवी, प्रभु कुमार, मनोज कुमार सिंह समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.
