सासाराम निबंधन कार्यालय में दी सासाराम भभुआ सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि. द्वारा संचालित ई-स्टाम्प की बिक्री के रकम में करीब 30 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला प्रकाश में आया है. इस हेराफेरी में बैंक के दो पूर्व कंप्यूटर ऑपरेटर काराकाट थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव निवासी बैजनाथ पांडेय के पुत्र अनिल कुमार पांडेय व डेहरी शहर के वार्ड नंबर 30 निवासी बिनोद प्रसाद के पुत्र विक्की कश्यप के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इसकी जानकारी सासाराम नगर थानाध्यक्ष शिवेन्द्र कुमार ने दी.
30.91 लाख रुपए की हेराफेरी का है मामला
उन्होंने बताया कि बैंक के सहायक प्रबंधक मंजय कुमार सिंह के द्वारा दिये गये आवेदन में लिखा है कि दोनों दी सासाराम भभुआ सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि. द्वारा संचालित सासाराम ई-स्टाम्प, एसीसी निबंधन कार्यालय में कार्यरत थे. उनके कार्यकाल दिनांक 01.02.2026 से दिनांक 12.06.2026 तक का जांच मुख्यालय पत्रांक-299 दिनांक 25.05.2026 से बैंक के प्रबंधक लेखा चन्द्र प्रकाश व प्रबंधक स्थापना रवि कुमार, द्वारा संयुक्त रूप से कराया गया. जांच प्रतिवेदन पत्रांक-443 दिनांक 17.06.2026 से प्राप्त हुआ. जांच प्रतिवेदन में दिनांक 01.02.2026 से 12.06.2026 तक कुल ई-स्टाम्प 580475314.00 रुपये की बिक्री की गयी. जिसमें से मात्र 577383631.00 रुपया संबंधित बैंक खाते में जमा किया गया. शेष राशि 30,91,683 रुपया संबंधित बैंक शाखा में जमा नहीं करके हेराफेरी कर अपने निजी उपयोग में लेते हुए उक्त राशि का गबन कर लिये है, जो सरकारी राशि है. इसके बाद जांच कमेटी गठित गयी. विक्की कुमार कश्यप व अनिल कुमार पांडेय के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया गया है.
बैंक के प्रबंधक निदेशक नयन प्रकाश ने बताया कि गबन के आरोप में दो लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. इसके साथ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है.
