Sasaram News : महिलाओं की सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा विकसित 112 इंडिया ऐप एक प्रभावी डिजिटल सुरक्षा कवच के रूप में उभर रहा है. शोधकर्ता वैष्णवी साईनाथ ने कहा कि प्रत्येक महिला और युवती को इस ऐप की जानकारी अवश्य होनी चाहिए, क्योंकि आपातकालीन परिस्थितियों में यह त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
एक ही प्लेटफॉर्म से मिलती है पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की सहायता
वैष्णवी साईनाथ ने बताया कि 112 इंडिया ऐप देश की आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS) का हिस्सा है. इसके माध्यम से पुलिस, एम्बुलेंस और अग्निशमन सेवा से एक ही नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में उपयोगकर्ता केवल कॉल ही नहीं, बल्कि एसओएस बटन, एसएमएस, व्हाट्सऐप, चैटबॉट और ई-मेल जैसे डिजिटल माध्यमों से भी सहायता प्राप्त कर सकता है.
रियल टाइम लोकेशन से तेजी से पहुंचती है मदद
उन्होंने कहा कि ऐप की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता रियल टाइम लोकेशन शेयरिंग है. एसओएस भेजते ही उपयोगकर्ता की लोकेशन संबंधित कंट्रोल रूम तक पहुंच जाती है, जिससे सहायता दल कम समय में घटनास्थल पर पहुंच सकता है. इसके अलावा ऐप में परिवार के सदस्यों या विश्वसनीय मित्रों को इमरजेंसी कॉन्टैक्ट के रूप में जोड़ने की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे संकट की स्थिति में उन्हें भी तुरंत सूचना मिल जाती है.
स्मार्टफोन में पहले से करें ऐप इंस्टॉल
वैष्णवी साईनाथ ने महिलाओं और युवतियों से अपील की कि वे अपने स्मार्टफोन में 112 इंडिया ऐप डाउनलोड कर आवश्यक जानकारी पहले से भर लें. उन्होंने कहा कि जागरूकता और तकनीक का सही उपयोग कई बार बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकता है और आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक साबित हो सकता है.
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