छपरा. पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण और कार्यस्थल सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. वाराणसी मंडल के छपरा कोचिंग डिपो को एक साथ गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (ISO), पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली और व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं. इस उपलब्धि से छपरा जंक्शन के अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है.
वैज्ञानिक अनुरक्षण प्रणाली से मिली सफलता
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कोचिंग डिपो में रेल कोचों का अनुरक्षण, मरम्मत और रखरखाव भारतीय रेल तथा अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) के निर्धारित मानकों के अनुरूप वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है. प्रत्येक कोच का समयबद्ध निरीक्षण, गुणवत्ता परीक्षण और अनुरक्षण सुनिश्चित किया जाता है, जिससे ट्रेनों का सुरक्षित और समयबद्ध परिचालन संभव हो सके और यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिले.
पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा पर विशेष फोकस
कोचिंग डिपो में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण, स्वच्छ परिसर और पौधारोपण जैसे पर्यावरणीय उपाय प्रभावी ढंग से लागू किए गए हैं. इसके साथ ही सुरक्षित कार्यस्थल, जोखिम नियंत्रण, दुर्घटना रोकथाम, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के उपयोग और नियमित सुरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से कार्य संस्कृति को और मजबूत बनाया गया है.
प्रशिक्षण और ऑडिट के बाद मिला प्रमाणन
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य प्रणाली विकसित करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को गुणवत्ता, पर्यावरण तथा स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंधित व्यापक प्रशिक्षण दिया गया. प्रमाणन प्रक्रिया के दौरान करेक्ट सर्टिफिकेशन, वाराणसी द्वारा गैप एनालिसिस, प्रशिक्षण और स्वतंत्र सर्टिफिकेशन ऑडिट किया गया, जिसमें कोचिंग डिपो सभी निर्धारित मानकों पर सफल पाया गया.
डीआरएम ने टीम को दी बधाई
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीम भावना, कार्यकुशलता और उत्कृष्ट सेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है. उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण भारतीय रेल की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं और वाराणसी मंडल भविष्य में भी वैश्विक मानकों के अनुरूप यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा.
