Raksha Bandhan festival: राखी का त्योहार इस बार चीनी की बढ़ती कीमत के कारण फीका रहने की आशंका है. पिछले 20 दिनों में चीनी के दाम में लगातार बढ़ोतरी से त्योहार के मौसम में बाजार की रौनक प्रभावित हुई है. चीनी की कीमत बढ़ने से मिठाई दुकानदार भी परेशान हैं.
मिठाई दुकानदार त्योहार को लेकर करीब एक सप्ताह पहले से ही सूखी मिठाइयों की तैयारी शुरू कर देते हैं. लेकिन अचानक चीनी का दाम 44 रुपये से बढ़कर 70 रुपये किलो पहुंचने से लागत बढ़ गयी है. इसका असर मिठाइयों की कीमतों पर भी दिखने लगा है.
चीनी महंगी होने से बढ़े मिठाई के दाम
तरैया बाजार के कुछ मिठाई दुकानदारों ने चीनी की कीमत बढ़ने के कारण मिठाइयों के दाम बढ़ा दिये हैं. तरैया बाजार के मिठाई दुकानदार व स्पंज स्पेशलिटी विकास कुमार ने बताया कि कई वर्षों से स्पंज 10 रुपये पीस और 200 रुपये किलो की दर से बिक रहा था. चीनी महंगी होने के बाद अब स्पंज की कीमत 15 रुपये पीस और 250 रुपये किलो हो गयी है.
उन्होंने बताया कि महंगाई का असर कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है. त्योहार के समय ग्राहकों की खरीदारी प्रभावित होने की भी आशंका है.
प्याज और खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमत से भी परेशानी
चीनी के अलावा प्याज और अन्य खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों ने भी आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. स्थानीय बाजार में प्याज करीब 60 रुपये किलो बिक रहा है. वहीं करु तेल की कीमत 190 से 200 रुपये लीटर बतायी जा रही है.
कमजोर तबके के लिए बढ़ी मुश्किल
खाद्य सामग्री की कीमतों में लगातार वृद्धि का सबसे अधिक असर कमजोर तबके के परिवारों पर पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमित आमदनी में रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदना मुश्किल हो रहा है.
करीब 500 रुपये दैनिक मजदूरी करने वाले मजदूर परिवारों के लिए बढ़ती महंगाई में घर का खर्च चलाना चुनौती बनता जा रहा है. चीनी और प्याज जैसी जरूरी वस्तुओं की बढ़ी कीमतों का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है.
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