Saran News : तरैया रेफरल अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन की नियमित उपलब्धता नहीं होने से कुत्ता, सियार व अन्य जानवरों के काटने से पीड़ित मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल में वैक्सीन उपलब्ध नहीं रहने के कारण मरीजों के परिजनों को बाजार से महंगे दामों पर एंटी रैबीज की सुई खरीदनी पड़ रही है. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीनों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ीं
तरैया प्रखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं. आये दिन लोगों के कुत्ते के काटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं. इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में सियार और अन्य जंगली जानवरों के काटने की घटनाएं भी होती हैं. ऐसे में पीड़ित इलाज के लिए रेफरल अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन वहां एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं रहने से उन्हें बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है.
मांग के अनुरूप नहीं मिल रही वैक्सीन
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जिले से ही एंटी रैबीज वैक्सीन की कम मात्रा में आपूर्ति हो रही है. मांग के अनुरूप वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण अस्पताल में इसकी कमी की समस्या बनी रहती है. वैक्सीन नहीं मिलने पर मरीजों और उनके परिजनों की नाराजगी का सामना स्वास्थ्य कर्मियों को भी करना पड़ता है.
जिला प्रशासन से पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग
तरैया प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह विक्कू ने जिला पदाधिकारी सारण और सिविल सर्जन सारण से तरैया रेफरल अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि तरैया प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग आवारा कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि समय पर एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिलने से पीड़ितों को आर्थिक परेशानी के साथ इलाज को लेकर भी चिंता बनी रहती है. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल में नियमित रूप से एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करनी चाहिए.
