दिघवारा. नगर पंचायत दिघवारा के चकनूर स्थित बाबा गुप्तेश्वरनाथ के पुराने मंदिर से शिवलिंग को गुरुवार को नये मंदिर में विधिवत स्थापित कर दिया गया. इसके साथ ही नया मंदिर आधिकारिक तौर पर अस्तित्व में आ गया. यह कार्य प्रशासनिक सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच अहले सुबह संपन्न हुआ. सुबह तीन बजे से ही शिवलिंग को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गयी. इस दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक पदाधिकारी और पुलिस के महिला-पुरुष जवान मंदिर परिसर में तैनात रहे. एडीएम प्रमोद कुमार पांडेय, सोनपुर एसडीओ स्निग्धा नेहा और सोनपुर एसडीपीओ प्रीतेश कुमार की उपस्थिति में शिवलिंग को पुराने मंदिर से हटाकर नये मंदिर में स्थापित किया गया. श्रद्धालुओं द्वारा विरोध की आशंका को ध्यान में रखते हुए यह कार्य लोगों की नींद खुलने से पहले संपन्न कराया गया.
दोनों मंदिरों के पास चप्पे चप्पे पर दिखा पुलिस का पहरा
दोनों मंदिरों के आसपास चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी और किसी को भी मंदिरों के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गयी. बीडीओ अमरनाथ, नगर पंचायत इओ रोशन कुमार और थानाध्यक्ष डॉ रितेश कुमार मिश्र समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे. अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था, लेकिन शिवलिंग हटाये जाने पर श्रद्धालुओं ने कोई विरोध नहीं किया.
दिघवारा शेरपुर सिक्स लेन सड़क पुल के बीच में पड़ गया था मंदिर
चकनूर का यह पुराना मंदिर दिघवारा से शेरपुर सिक्स लेन सड़क पुल के बीच पड़ता था. सड़क निर्माण के लिए प्रशासन ने मंदिर को हटाने का मार्ग प्रशस्त किया. पुराने मंदिर से शिवलिंग हटाये जाने के बाद श्रद्धालु बारी-बारी से नये मंदिर में आकर पूजा अर्चना करेंगे. बाबा गुप्तेश्वरनाथ मंदिर का पौराणिक इतिहास काफी प्राचीन है. कहा जाता है कि भोलेनाथ इसी स्थल पर गुप्त रूप से प्रकट हुए थे, जिसके बाद मंदिर का निर्माण हुआ. महाशिवरात्रि और सावन के सोमवार को मंदिर पर भव्य मेला और श्रद्धालुओं का जमघट लगता है. गुरुवार को दिनभर पुराने मंदिर के शिवलिंग के आकार और नए स्थान को लेकर लोगों में जुबानी चर्चा रही और प्रतिक्रिया मिली-जुली रही.
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