Saran News : सारण जिले के दिघवारा प्रखंड में बदलते मौसम के बीच मौसम जनित बीमारियों का संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा है. वायरल फीवर समेत अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है. इससे मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है. कई मरीजों को बुखार आने के बाद एक सप्ताह तक स्वास्थ्य लाभ लेने में समय लग रहा है.
सरकारी और निजी अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़
मौसमी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप के कारण सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में वायरल फीवर, तेज बुखार, बदन दर्द, उल्टी, सर्दी, खांसी, कफ और ठंड लगने जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. कई परिवारों में एक साथ आधा दर्जन से अधिक लोग वायरल संक्रमण की चपेट में हैं. दिघवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 200 मरीजों का पंजीकरण हो रहा है.
बच्चों के बीमार होने से बढ़ी अभिभावकों की चिंता
मौसम में अचानक आए बदलाव का सबसे अधिक असर छोटे बच्चों पर देखा जा रहा है. बच्चों के बीमार होने से अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई है. इलाज के लिए लोगों को सरकारी और निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है.
हड़ताल के बाद गुरुवार को बढ़ी मरीजों की संख्या
अरवल के सिविल सर्जन के साथ अभद्रता की घटना के विरोध में बुधवार को दिघवारा अस्पताल की ओपीडी सेवा बंद रही थी. इसके कारण कई मरीज बिना इलाज कराए वापस लौट गए थे. गुरुवार को ओपीडी दोबारा शुरू होने के बाद अस्पताल में मरीजों की संख्या में और अधिक वृद्धि देखी गई. बुधवार को लौटे मरीज भी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे.
चिकित्सकों ने बरतने की दी सलाह
दिघवारा के चिकित्सक डॉ. जयप्रकाश राय ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव के कारण वायरल फीवर, बदन दर्द, उल्टी, पेट दर्द और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है. छोटे बच्चे भी तेजी से इन बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. उन्होंने लोगों से बीमार होने पर लापरवाही नहीं बरतने, चिकित्सकीय सलाह लेने और मरीजों के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखने की अपील की.
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