सारण से मनोज कुमार की रिपोर्ट
Saran Swachhta Paryavekshak: सारण जिले के तरैया प्रखंड स्थित पचभिण्डा पंचायत में स्वच्छता पर्यवेक्षक के चयन को लेकर आयोजित ग्रामसभा एक बार फिर विवादों में घिर गई. शुक्रवार को पंचायत भवन में आयोजित बैठक को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया. यह दूसरी बार है जब इस पद की बहाली के लिए बुलाई गई ग्रामसभा बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गई.
क्यों चर्चा में है पचभिण्डा पंचायत की यह ग्रामसभा?
पचभिण्डा पंचायत में स्वच्छता पर्यवेक्षक पद की बहाली का मामला लंबे समय से विवादों में बना हुआ है. शुक्रवार को पंचायत भवन परिसर में मुखिया प्रेमा देवी की अध्यक्षता में ग्रामसभा आयोजित की गई थी. बैठक में पंचायत सचिव गौतम कुमार, पर्यवेक्षकीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. हालांकि, प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका और बैठक को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया.
Saran News: दूसरी बार क्यों स्थगित हुई बैठक?
स्वच्छता पर्यवेक्षक चयन के लिए आयोजित यह ग्रामसभा दूसरी बार स्थगित हुई है. इससे पहले 10 फरवरी को भी इसी मुद्दे पर बुलाई गई बैठक को टाल दिया गया था. लगातार दूसरी बार ग्रामसभा स्थगित होने से पंचायत में चर्चा और असमंजस का माहौल बना हुआ है.
ग्रामसभा में क्या हुई दस्तावेजों की जांच?
बैठक के दौरान पर्यवेक्षकीय पदाधिकारी ने उप विकास आयुक्त, सारण के आदेश को पढ़कर सुनाया. इसके बाद आवेदनकर्ता सुमन कुमार सिंह के दस्तावेजों की जांच की गई. जांच में उनके पास प्रखंड कार्यालय द्वारा जारी स्वच्छताग्रही अनुभव प्रमाण पत्र उपलब्ध पाया गया. इसके बाद दूसरे आवेदनकर्ता श्रीकांत कुमार के दस्तावेजों की जांच हुई. जांच के दौरान उनके द्वारा स्वच्छताग्रही होने से संबंधित कोई प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया. इसी बीच मुखिया द्वारा कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया गया और बाद में बैठक स्थगित कर दी गई.
हाईकोर्ट के आदेश का क्या है मामला?
पचभिण्डा पंचायत में पूर्व में स्वच्छता पर्यवेक्षक पद पर श्रीकांत कुमार की बहाली हुई थी. इस बहाली को चुनौती देते हुए सुमन कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पूर्व बहाली को रद्द करने का आदेश दिया था. हाईकोर्ट के आदेश के बाद नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन अब तक दो बार ग्रामसभा आयोजित होने के बावजूद चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है.
ग्रामीणों में क्यों बढ़ रही है चर्चा?
लगातार दूसरी बार बैठक स्थगित होने के बाद ग्रामीणों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. पंचायत के लोगों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए था, लेकिन अब तक मामला लंबित है. इससे चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
आगे आदेश के इंतजार में ग्रामीण
ग्रामसभा में किशोरी सहनी, सुनील ठाकुर, विनीत कुमार, हरेन्द्र सहनी, प्रमोद कुमार सिंह, सुरेश कुमार सिंह, पप्पू कुमार, विजय कुमार सिंह, भूषण सिंह, महेश सिंह, शिल्पी कुमारी, उषा देवी, मीना देवी, स्वीटी देवी समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे. अब पंचायत और संबंधित विभाग के अगले आदेश का इंतजार किया जा रहा है. नई तिथि घोषित होने के बाद फिर से ग्रामसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें स्वच्छता पर्यवेक्षक के चयन पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है.
Also Read: saran news : जानें सारण जिले में आज का दर्शन, ओपीडी में कौन होंगे डॉक्टर, शहर में कहां क्या होगा
