सारण: 24 घंटे की लगातार बारिश के बाद तरैया में शुरू हुई धान रोपनी, किसानों के खिले चेहरे

सारण जिले के तरैया प्रखंड में लगातार हो रही झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं. बारिश के बीच ही किसान खेतों की तरफ निकल पड़े हैं और धान की रोपनी का काम शुरू कर दिया है.

Saran News: सारण जिले के तरैया प्रखंड में गुरुवार को दोपहर बाद से लगातार हो रही झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खुशी से पूरी तरह खिल उठे हैं. लंबे समय से मानसून की राह देख रहे अन्नदाता शुक्रवार की सुबह बारिश के बीच ही कंधे पर कुदाल लेकर अपने-अपने खेतों की तरफ निकल पड़े. किसानों ने रिमझिम बारिश में भीगते हुए सबसे पहले खेतों के मेड़ (आरी) को सुदृढ़ करने और पानी रोकने के काम में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.

धान की रोपनी शुरू

प्रखंड के जिन प्रगतिशील किसानों के धान के बिचड़े (पौध) पहले से तैयार हो चुके हैं, वैसे किसानों ने शुक्रवार को शुभ दिन मानते हुए धान की रोपनी का काम पूरे उत्साह के साथ शुरू कर दिया है. लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के लगभग सभी खेतों में धान की रोपनी के लिए जरूरत के मुताबिक पर्याप्त पानी जमा हो गया है. इससे किसानों को पंपसेट चलाकर महंगे डीजल से सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ रही है.

समय पर तैयार होगी फसल

किसान अपने साथ स्थानीय मजदूरों को लेकर खेतों में धान के बिचड़े उखाड़ने तथा ट्रैक्टर के माध्यम से कादो (कीचड़) कर रोपनी के कार्य में तेजी से जुट गए हैं. किसानों का मानना है कि समय से धान की रोपनी संपन्न हो जाने से फसल भी पूरी तरह समय पर तैयार हो जाएगी. इससे रबी सीजन में गेहूं और अन्य दलहनी फसलों की बुआई के लिए भी खेतों को समय रहते खाली किया जा सकेगा.

गर्मी के कारण हुआ विलंब

हालांकि, प्रखंड के अधिकांश छोटे और सीमांत किसानों के धान के बिचड़े अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाए हैं. इसका मुख्य कारण यह है कि पिछले दिनों क्षेत्र में पड़ी भीषण गर्मी, चिलचिलाती धूप, लू के थपेड़ों और मानसून के सही समय पर दस्तक नहीं देने के कारण किसानों ने बिचड़े डालने में काफी विलंब कर दिया था. वैसे किसानों को अपनी फसल की रोपनी शुरू करने के लिए अभी एक से दो सप्ताह का इंतजार और करना होगा.

नहर में पानी आने से खुशी

तरैया में इधर लगातार हो रही मानसूनी बारिश के साथ-साथ गंडक नहर में भी पर्याप्त मात्रा में पानी आ चुका है. इसके कारण तरैया प्रखंड के अंतर्गत गंडक नहर के कमांड एरिया और उसके आसपास के गांवों में खेती करने वाले किसानों की पूरी तरह से बल्ले-बल्ले हो गई है. पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने से धान के उत्पादन में इस बार गुणात्मक बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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By Manoj kumar

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