सारण से मनोज कुमार की रिपोर्ट
Saran News: सारण जिले के तरैया में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. सुबह होते ही बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाएं और युवतियां पीपल वृक्ष की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं. महिलाओं ने 108 बार परिक्रमा कर धागा लपेटा, पूजा-पाठ किया और परिवार की सुख-समृद्धि तथा पति की लंबी आयु की कामना की.
अहले सुबह से ही मंदिरों और ब्रह्मस्थानों पर जुटने लगी महिलाओं की भीड़
तरैया बाजार स्थित मछली मार्केट छठ घाट के ब्रह्मस्थान में सोमवती अमावस्या को लेकर विशेष धार्मिक आयोजन हुआ. पीपल वृक्ष के समीप सुबह से ही महिलाओं और युवतियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पीपल वृक्ष की परिक्रमा की और धागा लपेटकर अपनी मनोकामनाएं मांगी.
108 परिक्रमा और धागा लपेटने की परंपरा
महिलाओं ने सोमवती अमावस्या के अवसर पर पीपल वृक्ष की 108 बार परिक्रमा की और धागा लपेटा. मान्यता है कि ऐसा करने से सुख, शांति, समृद्धि और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है. इस दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए.
पीपल वृक्ष में सभी देवताओं का वास
ब्रह्मस्थान पर मौजूद पंडित सिंहासन तिवारी और सोमवती अमावस्या व्रत कथावाचक पंडित सुधांशु तिवारी ने बताया कि हिंदू धर्म में पीपल वृक्ष को अत्यंत पवित्र माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीपल में सभी देवी-देवताओं का वास होता है. सोमवती अमावस्या के दिन इसकी पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य का आगमन होता है.
विष्णु, गौरी-गणेश और सोना धोबिन की भी हुई पूजा
पीपल वृक्ष की परिक्रमा और धागा लपेटने के बाद महिलाओं ने भगवान विष्णु, माता गौरी, भगवान गणेश और सोना धोबिन की पूजा-अर्चना की. श्रद्धालुओं ने दूध, जल, पुष्प, अक्षत और चंदन अर्पित किया. साथ ही अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार फल, मिठाई और सुहाग सामग्री का दान भी किया.
पितृ दोष से मुक्ति और पूर्वजों के मोक्ष की भी मान्यता
कथावाचक पंडित सुधांशु तिवारी ने बताया कि सोमवती अमावस्या पर पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा करने से पितृ दोष दूर होता है और पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने और परिवार में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक मानी जाती है.
पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए रखा व्रत
सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु, परिवार की खुशहाली और संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ व्रत और पूजा की. महिलाओं का कहना था कि सोमवती अमावस्या का व्रत उनकी धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और वे हर वर्ष पूरे श्रद्धाभाव से इस पर्व को मनाती हैं.
गांव-गांव में दिखी आस्था की तस्वीर
तरैया प्रखंड के विभिन्न गांवों में स्थित ब्रह्मस्थानों, मंदिरों और देवी-देवताओं के पूजा स्थलों पर भी महिलाओं और युवतियों की भारी भीड़ देखी गई. हर ओर पूजा-पाठ, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों का माहौल बना रहा. पूरे क्षेत्र में सोमवती अमावस्या का पर्व श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया.
