बिहार के इस जिले में 30 साल बाद दिखा दुर्लभ हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध, वन विभाग ने रेस्क्यू कर पटना जू भेजा

Saran News: सारण जिले के माझी प्रखंड में 30 साल बाद दुर्लभ हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध दिखाई दिया है. वन विभाग की टीम ने दुर्लभ प्रजाति के हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है

सारण से हरि प्रकाश मिश्रा की रिपोर्ट
Saran News: सारण जिले के माझी प्रखंड में 30 साल बाद दुर्लभ हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध दिखाई दिया है. वन विभाग की टीम ने दुर्लभ प्रजाति के हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है. इस अनोखी घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई, वहीं पर्यावरण प्रेमियों और पक्षी विशेषज्ञों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है.

30 वर्षों बाद क्षेत्र में दिखा दुर्लभ गिद्ध

वन रक्षी अमन कुमार शर्मा ने बताया कि हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध एक अत्यंत दुर्लभ पक्षी है, जो सामान्यतः हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लगभग 30 वर्षों बाद इस क्षेत्र में इस प्रजाति के पक्षी के देखे जाने की सूचना मिली है. यही वजह है कि यह घटना वन विभाग और पक्षी विशेषज्ञों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

झुंड से भटककर सारण पहुंचा हिमालय का मेहमान

वन विभाग की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गिद्ध संभवतः अपने झुंड से भटककर सारण जिले तक पहुंच गया था. लंबी दूरी तय करने और मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण यह पक्षी कमजोर हो गया था और सामान्य रूप से उड़ान भरने में असमर्थ दिख रहा था.

सूचना मिलते ही हरकत में आया वन विभाग

स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने सावधानीपूर्वक पक्षी का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित संरक्षण में लिया. रेस्क्यू अभियान के दौरान पक्षी को किसी प्रकार की चोट नहीं पहुंची. वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गिद्ध कुछ अस्वस्थ अवस्था में था. बेहतर इलाज और देखभाल के लिए उसे पटना जू भेज दिया गया है. वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया जाएगा.

पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्लभ पक्षियों का इस तरह नए क्षेत्रों में दिखाई देना पर्यावरण और जैव विविधता के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है. हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध को प्रकृति के सफाईकर्मी पक्षियों में गिना जाता है, जो पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. दुर्लभ गिद्ध के मिलने की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में कौतूहल बढ़ गया. वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि भविष्य में किसी दुर्लभ या घायल वन्यजीव की सूचना मिले तो उसे स्वयं पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत विभाग को जानकारी दें.

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Published by: Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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