Saran News (विकास कुमार) : जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर मंगलवार को छपरा पहुंचे.उन्होंने संगठन को मज़बूत करने के लिये बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत बिहार के तमाम जिलों का दौरा कर रहे हैं.वे हर जिले में जाकर संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे है.इसी क्रम में आज छपरा में स्थित ‘द राज किंग्डम रिजॉर्ट’ में जन सुराज की जिला कार्यकारिणी कार्यशाला सह संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई. जिसमें जिले की सभी सांगठनिक इकाइयों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुये. इस दौरान श्री किशोर ने कहा कि जन सुराज के जिला कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए यहां आया हूं.
बांकीपुर उपचुनाव को बताया सरकार के 6 महीने का ‘रेफरेंडम’
जन सुराज के संगठन को पुनर्गठित करने की प्रक्रिया को तेजी से किया जा रहा है. वहीं, बांकीपुर उपचुनाव को लेकर पीके ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा सीट पर जो उपचुनाव होगा वह मौजूदा सरकार के छह महीने के कार्यकाल का रेफरेंडम होगा.क्योंकि विधानसभा चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किये गये. नीतीश कुमार के चेहरे को आगे रखा गया. महिलाओं को 10 हजार रूपये दिये गये, दो लाख रुपये देने का लालच दिया गया.साथ ही एक करोड़ रोजगार देने का वादा किया गया.इन सारे वादे के बाद सरकार ने आज तक नहीं बताया कि इन वादों को कैसे पूरा किया जायेगा. सरकार ने यह भी नहीं बताया कि नीतीश कुमार को क्यों हटाया गया. सरकार तो लाल गमझा और हरा गमझा की बात कर रही है और जाति धर्म पूछ कर गोली चलाना इस तरह से समाज को बांटने की बात कर रही है.
उपचुनाव में पूरी ताकत से उतरेगी जन सुराज पार्टी, पीके का दावा
विधानसभा चुनाव के बाद बांकीपुर में उपचुनाव होने जा रहा है. यह चुनाव सरकार के 6 महीने के काम पर उनकी नीतियों पर उनकी कार्यशैली पर और उनके चेहरे पर रेफरेंडम होगा।.इसलिए जन सुराज पार्टी पूरी ताकत से बांकीपुर में चुनाव लड़ेगी.क्योंकि, वहां पर अगर बीजेपी को कोई हरा सकता है तो वह जन सुराज पार्टी ही है.राजद और कांग्रेस के लोग पिछले 40-45 साल से भाजपा को हरा नहीं पाये हैं. यह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट है और बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बना है, उसके बाद यह चुनाव होने जा रहा है. वहीं, राबड़ी देवी के बंगला न खाली करने के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि राबड़ी विधान परिषद में प्रतिपक्ष नेत्री हैं, इसी आधार पर उनको वो घर मिला हुआ है.मीडिया के माध्यम से हम लोगों को जो जानकारी मिली है वो ये है कि सरकार चाहती है राबड़ी वह घर छोड़कर दूसरे घर में शिफ्ट हो जाये सही है या गलत है यह सरकार और राबड़ी देवी के बीच की बात है.
एक अणे मार्ग और देश रत्न मार्ग बंगले को लेकर उठाए सवाल
लेकिन बड़ा मामला यह कि पिछले 25-30 साल से बिहार के मुख्यमंत्री का आवास एक अणे मार्ग पर है, जो कि आठ एकड़ में फैला है.सीएम बनने के बाद सम्राट चौधरी ने उसके बगल में स्थित देश रत्न मार्ग के बंगले को भी मुख्यमंत्री आवास में मिला दिया. जो कि वह उपमुख्यमंत्री का बंगला था. मैं बिहार की जनता को बताना चाहता हूं कि महाराष्ट्र देश के सबसे धनी राज्यों में से एक है.वहां के मुख्यमंत्री का बंगला 10 कट्ठे में है.देश का सबसे गरीब राज्य बिहार है लेकिन उस राज्य का मुख्यमंत्री इतने बड़े बंगले में रहने के बाद भी छोटा पड़ रहा है. दूसरे को बंगले में रखने और हटाने से पहले सीएम को खुद जवाब देना चाहिये कि एक अणे मार्ग के बंगले में देश रत्न मार्ग के बंगले को क्यों मिलाया गया है.
