Saran News: (विकास कुमार) चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण जिले में लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है. भीषण गर्मी और लू की चपेट में आने से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ रहे हैं. सदर अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में गर्मी से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
बीते दो दिनों में सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में गर्मी और लू से प्रभावित 20 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया है. इनमें उल्टी, दस्त, पेट दर्द, ब्लड प्रेशर, डायरिया और डिहाइड्रेशन से पीड़ित मरीज अधिक हैं.
मंगलवार को दोपहर तक 510 मरीजों ने कटाया पूर्जा
मंगलवार को दोपहर दो बजे तक सदर अस्पताल की ओपीडी में 510 मरीजों ने इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें करीब 70 मरीज बुखार, पेट दर्द, डिहाइड्रेशन और ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित थे. वहीं शिशु वार्ड में भी प्रतिदिन 40 से 50 बच्चों का इलाज किया जा रहा है, जिनमें अधिकांश बच्चे गर्मी और लू की चपेट में आकर बीमार हुए हैं.
सदर अस्पताल के अलावा शहर के निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में भी गर्मी से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. अस्पतालों में दूसरी पाली की ओपीडी में भी मरीजों की भीड़ देखी जा रही है.
हीट स्ट्रोक के लिए बनाया गया विशेष वार्ड
सदर अस्पताल प्रशासन ने हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए 10 बेड का विशेष वार्ड तैयार किया है। यहां चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है ताकि मरीजों को तत्काल इलाज मिल सके।
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
चिकित्सकों ने लोगों को कड़ी धूप से बचने की सलाह दी है. डॉक्टरों का कहना है कि धूप में निकलते समय सिर और आंखों को ढंककर रखें, पर्याप्त पानी पिएं और अचानक गर्म व ठंडे वातावरण में आने-जाने से बचें.
ब्लड प्रेशर के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. डॉक्टरों ने कहा कि धूप से आने के तुरंत बाद एसी या कूलर में नहीं बैठना चाहिए और एसी से निकलकर सीधे धूप में भी नहीं जाना चाहिए.
क्या कहते हैं उपाधीक्षक
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. केएम दुबे ने बताया कि गर्मी और लू से पीड़ित मरीज लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं. सभी चिकित्सकों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है और लोगों से धूप के सीधे संपर्क में आने से बचने की अपील की गई है.
