Saran News: सारण जिला शतरंज संघ के तत्वावधान में शहर के भागवत विद्यापीठ, भगवान बाजार में शनिवार से दो दिवसीय जिला अंडर-17 (ओपन एवं बालिका) शतरंज चैंपियनशिप का शुभारंभ हुआ. प्रतियोगिता का आयोजन छपरा जिला शतरंज संघ द्वारा किया जा रहा है, जबकि इसका प्रायोजन छपरा चेस एकेडमी एवं सत्यवती फाउंडेशन के माध्यम से किया गया है.
दीप प्रज्वलित कर हुआ उद्घाटन
प्रतियोगिता का उद्घाटन गंगा सिंह महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमेन्द्र रंजन ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर छपरा जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार वर्मा “संकल्प” ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया.
130 से अधिक खिलाड़ियों ने लिया भाग
प्रतियोगिता में भागवत विद्यापीठ, सेंट्रल पब्लिक स्कूल, छपरा सेंट्रल स्कूल, ब्रजकिशोर किंडरगार्टन सहित छपरा एवं आसपास के विभिन्न विद्यालयों और शतरंज क्लबों से 130 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. प्रतियोगिता ओपन एवं बालिका दोनों वर्गों में आयोजित की जा रही है.
शतरंज से विकसित होती है निर्णय लेने की क्षमता
मुख्य अतिथि डॉ. प्रमेन्द्र रंजन ने कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि जीवन में सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम है. यह बच्चों में तार्किक सोच, धैर्य और एकाग्रता का विकास करता है.
खिलाड़ियों के व्यक्तित्व निर्माण पर दिया जोर
छपरा जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार वर्मा “संकल्प” ने कहा कि शतरंज विचारों की युद्धभूमि है, जहां हर चाल सोच-समझकर चलनी होती है. उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य केवल चैंपियन तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तित्वों का निर्माण करना है जो धैर्य, रणनीति और विवेकपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम हों.
ये लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में संघ के संयुक्त सचिव संजय कुमार, उपेंद्र कुमार सिंह, सह सचिव सागर कुमार, दिव्यांशु वर्मा, पवन कुमार सहित कई पदाधिकारी, प्रशिक्षक और शतरंज प्रेमी उपस्थित रहे.
