सारण से संजय भारद्वाज की रिपोर्ट
Saran Hit and Run Case: सारण जिले में हिट एंड रन सड़क हादसे लगातार गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं. इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (eDAR) के अनुसार, 1 अप्रैल 2022 से 27 मई 2026 तक जिले में 1259 लोगों की मौत हिट एंड रन हादसों में हुई. इनमें बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार अब भी मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं, जबकि अधिकांश मामलों में आरोपी वाहन और चालक का पता नहीं चल सका है.
Saran Road Accident: चार वर्षों में सड़क हादसों के चौंकाने वाले आंकड़े
इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (eDAR) के अनुसार, 1 अप्रैल 2022 से 27 मई 2026 के बीच सारण जिले में 2494 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं. इन हादसों में 1500 से अधिक लोगों की मौत हुई. इनमें सबसे अधिक चिंता का विषय हिट एंड रन के मामले हैं, जिनमें 1259 लोगों की जान चली गई.
Saran News: हिट एंड रन के आरोपी अब भी पकड़ से बाहर
प्रभात खबर की पड़ताल में सामने आया कि चार वर्षों में हिट एंड रन से हुई मौतों के अधिकांश मामलों में आरोपी वाहन और चालक का अब तक पता नहीं चल सका है. कई मामलों में जांच बंद कर दी गई है या अंतिम रिपोर्ट लगाने की प्रक्रिया चल रही है.
Hit And Run Case: 571 ने किया आवेदन, 463 को मिला मुआवजा
प्रशासन और परिवहन विभाग की पहल के बाद हिट एंड रन मामलों में 571 पीड़ित परिवारों ने मुआवजे के लिए आवेदन किया. इनमें से 463 मामलों में मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है. हालांकि अभी भी 688 पीड़ितों या उनके परिजनों का पता नहीं चल पाया है, जिसके कारण उन्हें सरकारी सहायता नहीं मिल सकी है.
सारण की खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें
थानों को सौंपी गई पीड़ितों की तलाश की जिम्मेदारी
परिवहन विभाग ने जिले के सभी संबंधित थानों को निर्देश दिया है कि जिन हिट एंड रन पीड़ितों या उनके आश्रितों तक अब तक सूचना नहीं पहुंची है, उनका पता लगाया जाए. उद्देश्य यह है कि पात्र परिवारों को सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ मिल सके.
Saran Police: आरोपी क्यों नहीं पकड़ में आ रहे?
जानकारों के अनुसार हिट एंड रन मामलों में आरोपियों के नहीं पकड़े जाने के पीछे कई कारण हैं. इनमें बिना नंबर प्लेट वाले वाहन, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर पर्याप्त ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) कैमरों की कमी, सीमित सीसीटीवी नेटवर्क, हाईवे पेट्रोलिंग की कमी और कई मामलों में जांच की धीमी गति शामिल हैं.
विशेषज्ञों ने सुझाए ये उपाय
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हिट एंड रन जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में आधुनिक नंबर प्लेट रीडर कैमरे लगाए जाने चाहिए. इसके साथ ही हाईवे पर नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने और अलग हाईवे पुलिस व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है.
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि कैमरों के साथ-साथ घटनास्थल पर फॉरेंसिक जांच, टायरों के निशानों का विश्लेषण और मजबूत पुलिस नेटवर्क के जरिए भी आरोपियों तक पहुंचा जा सकता है.
क्या बोले अधिकारी
सारण जिला परिवहन पदाधिकारी लातीफुर रहमान का कहना है कि हिट एंड रन के जितने भी आवेदन आए उनमें से 89 फ़ीसदी पर कार्रवाई कर दी गई है और मुआवजा का भुगतान करवा दिया गया है. इस तरह की घटनाओं को रोकने और आरोपियों के धर पकड़ के लिए कई तकनीक अपनाया जा रहे हैं जल्द ही सामने देखने को मिलेगा.
Also Read: सारण में झमाझम बारिश से बदला मौसम का मिजाज, भीषण गर्मी से मिली राहत, किसानों के खिले चेहरे
