सारण में डेंगू को लेकर अलर्ट, 2026 में अब तक 8 मरीजों का इलाज, 45 वार्डों में फॉगिंग

सारण में डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है. 2026 में अब तक 8 मरीजों का इलाज हुआ है. सदर अस्पताल में 10 बेड और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष वार्ड आरक्षित हैं.

Saran News: सारण जिले में बरसात के मौसम को देखते हुए डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है. गत वर्ष जुलाई महीने में ही जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी थी और चार मरीज सामने आये थे. इसे देखते हुए इस वर्ष भी डेंगू के संक्रमण की आशंका को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती तैयारी शुरू कर दी है.

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक जिले में डेंगू के आठ मरीजों का इलाज किया गया है. इनमें सोनपुर के दो, मकेर, जलालपुर, एकमा और दरियापुर के एक-एक तथा सदर प्रखंड के दो मरीज शामिल हैं. विभाग के अनुसार, ये सभी मरीज जिले के निवासी हैं, लेकिन इनकी डेंगू जांच दूसरे राज्यों में हुई थी या ये दूसरे जिलों से संक्रमित होकर इलाज के लिए यहां पहुंचे थे.

फिलहाल जिले में डेंगू का कोई सक्रिय मरीज नहीं है. जिन मरीजों का इलाज किया गया, उन्हें स्वस्थ होने के बाद घर भेज दिया गया है.

सदर अस्पताल में 10 बेड आरक्षित

छपरा सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए 10 बेड आरक्षित किये गये हैं. वहीं, जिले के अन्य सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पांच-पांच बेड का विशेष डेंगू वार्ड सुरक्षित रखा गया है.

डेंगू विभाग की नोडल अधिकारी सुमन कुमारी ने बताया कि फिलहाल जिले में डेंगू से संक्रमित कोई मरीज नहीं है. दूसरे राज्यों से संक्रमित होकर इलाज कराने आये मरीजों का समुचित उपचार कर उन्हें घर भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि डेंगू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन बरसात के मौसम में सावधानी बरतना जरूरी है.

डीएम के निर्देश के बाद अलर्ट है विभाग

सारण जिला मुख्यालय स्थित नगर निगम क्षेत्र समेत पूरे जिले में डेंगू की रोकथाम को लेकर एहतियाती कदम उठाये जा रहे हैं. जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है.

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू से बचाव को लेकर आवश्यक दिशानिर्देश जारी किये गये हैं. डेंगू प्रभावित गांवों में शत-प्रतिशत फॉगिंग कराने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डेंगू जांच किट और इलाज की सुविधा उपलब्ध रखने को लेकर संबंधित एमओआइसी और बीएचएम को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं.

प्रभावित इलाकों में फॉगिंग जरूरी : डीवीबीडीसीओ

डीवीबीडीसीओ डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि बरसात के दिनों में डेंगू के प्रसार की संभावना अधिक रहती है. ऐसे में बीमारी से बचाव के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में डेंगू मरीजों की जांच और इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गयी है.

उन्होंने बताया कि विभिन्न अस्पतालों में अलग से डेंगू वार्ड बनाये गये हैं. बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रभावित इलाकों में फॉगिंग करायी जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में विभागीय स्तर पर फॉगिंग करायी जा रही है, जबकि शहरी क्षेत्रों में नगर प्रशासन के माध्यम से छिड़काव कराया जा रहा है.

नगर निगम के 45 वार्डों में फॉगिंग, सिटी स्क्वायड गठित

डेंगू की रोकथाम के लिए नगर निगम की ओर से शहर के सभी 45 वार्डों में फॉगिंग करायी जा रही है. इसके लिए सिटी स्क्वायड का भी गठन किया गया है.

शहर के करीमचक, सरकारी बाजार, खनुआ, साहेबगंज, दहियावां आदि इलाकों में पिछले एक सप्ताह के दौरान फॉगिंग करायी गयी है. वहीं, गुदरी के कुछ इलाकों में भी फॉगिंग हुई है.

हालांकि, तेलपा, रावल टोला, इंद्रपुरी, मोहन नगर, कटहरी बाग और रतनपुरा समेत कई मोहल्लों में अब तक फॉगिंग नहीं हुई है. शहर के कई इलाकों में बरसात का पानी लंबे समय से जमा है, जिससे डेंगू के मच्छरों के पनपने का खतरा बना हुआ है. स्थानीय लोगों ने वार्ड पार्षदों और नगर निगम के अधिकारियों को फॉगिंग कराने की मांग से अवगत कराया है.

चार वर्षों में डेंगू के मरीज

  • 2023 : 883 मरीज
  • 2024 : 213 मरीज
  • 2025 : 91 मरीज
  • 2026 : 08 मरीज

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By प्रभात किरण हिमांशु

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