सीएम सम्राट चौधरी से मिला मढ़ौरा चीनी मिल संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल, पुनरुद्धार का मिला आश्वासन

Saran News: सारण की बंद पड़ी मढ़ौरा चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तक पहुंच गई है. मिल के पुनरुद्धार से क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं और किसानों को लाभ होगा. मुख्यमंत्री ने शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

Saran News: सारण जिले की बंद पड़ी ऐतिहासिक मढ़ौरा चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग अब सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच गयी है. मढ़ौरा चीनी मिल संघर्ष समिति का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिला और मिल से जुड़ी मौजूदा जमीनी स्थिति की विस्तार से चर्चा की. प्रतिनिधिमंडल ने मिल को पुनः चालू करने की आवश्यकता पर बल दिया.

बेरोजगारों और किसानों को लाभ

इस महत्वपूर्ण मुलाकात के संबंध में समिति के संयोजक शैलेंद्र प्रताप सिंह व मढ़ौरा विधायक जितेंद्र राय ने संयुक्त रूप से कहा कि मढ़ौरा चीनी मिल के दोबारा शुरू होने से तरैया और मढ़ौरा के साथ-साथ पूरे सारण जिले के बेरोजगार युवाओं व गन्ना किसानों की रोजी-रोटी की स्थायी व्यवस्था हो सकेगी. इससे पूरे क्षेत्र का आर्थिक परिदृश्य बदल जाएगा.

त्वरित कार्रवाई की मांग की

इसलिए मिल के पुनरुद्धार की प्रक्रिया को बिना किसी प्रशासनिक विलंब के जल्द शुरू करने तथा क्षेत्र के लाखों किसानों व युवाओं के व्यापक हित में त्वरित कानूनी कार्रवाई करने की मांग मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल ने की. मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद संयोजक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मढ़ौरा चीनी मिल केवल एक साधारण औद्योगिक इकाई नहीं है.

अर्थव्यवस्था की रही है पहचान

उन्होंने कहा कि यह मिल ऐतिहासिक काल से सारण की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुख्य पहचान रही है. मिल बंद होने से मढ़ौरा के साथ-साथ पड़ोसी तरैया विधानसभा क्षेत्र के हजारों गन्ना किसान, मिल मजदूर और उन पर पूरी तरह निर्भर परिवार वर्षों से गंभीर आर्थिक संकट झेल रहे हैं. मिल चालू होने से इन परिवारों के जीवन में नया सवेरा आएगा.

शीर्ष नेतृत्व के वादे याद दिलाए

मढ़ौरा के स्थानीय विधायक व बिहार सरकार के पूर्व मंत्री जितेंद्र राय ने कहा कि मुख्यमंत्री से विशेष आग्रह किया गया है कि देश के प्रधानमंत्री और राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व द्वारा पूर्व में आम जनता से किए गए वादों को अब अमलीजामा पहनाया जाए. मिल के चालू होने से क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत दोबारा हो सकेगी.

स्थानीय व्यापार पर सकारात्मक असर

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, मढ़ौरा चीनी मिल के दोबारा शुरू होने से केवल प्रत्यक्ष रूप से गन्ना किसानों को ही लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि परिवहन क्षेत्र, छोटे-मोटे कारोबार, स्थानीय व्यापार और अप्रत्यक्ष रोजगार पर भी बेहद सकारात्मक असर पड़ेगा. यह मिल पूरे सारण प्रमंडल के विकास का मुख्य केंद्र बिंदु साबित होगी.

मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन

मढ़ौरा चीनी मिल संघर्ष समिति की इस पुरजोर मांग और सौंपे गए विस्तृत ज्ञापन पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है. इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से रामबाबू सिंह और विष्णु गुप्ता सहित कई प्रबुद्ध लोग मुस्तैदी से शामिल रहे.

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Author: Chandrashekhar saran

Published by: Vikash Jha

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