JPU में RSA का ‘कुलपति खोजो अभियान’, छात्रों की लंबित डिग्रियों और समस्याओं को लेकर जताया विरोध

जयप्रकाश विश्वविद्यालय में छात्रों की लंबे समय से लंबित डिग्रियों और समस्याओं को लेकर शोध विद्यार्थी संगठन ने 'कुलपति खोजो अभियान' चलाया. छात्रों की मूल डिग्रियां हस्ताक्षर के अभाव में रुकी हैं, जिससे वे उच्च शिक्षा और रोजगार से वंचित हो रहे हैं. संगठन ने कुलपति से नियमित कार्यालय आने और समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है.

Chhapra News: जयप्रकाश विश्वविद्यालय में छात्रों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के विरोध में शोध विद्यार्थी संगठन (आरएसए) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर, सभी स्नातकोत्तर (PG) विभागों एवं प्रमुख स्थलों पर 'कुलपति खोजो अभियान' चलाया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने डंका बजाकर प्रतीकात्मक रूप से कुलपति के पोस्टर चस्पा किए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी व विरोध प्रदर्शन किया.

नियमित कार्यालय न आने से प्रशासनिक व्यवस्था ठप होने का आरोप

संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब से प्रो. परमेंद्र कुमार बाजपेई ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति का पदभार ग्रहण किया है, तब से उन्होंने नियमित रूप से विश्वविद्यालय कार्यालय में कार्य नहीं किया है. संगठन का दावा है कि अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने मुश्किल से दो महीने ही कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई है.

वक्ताओं ने कहा कि कुलपति का मूल दायित्व कार्यालय में बैठकर छात्रों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, न कि प्रशासनिक व्यवस्था को अनिश्चितता के भरोसे छोड़ देना. कुलपति की अनुपस्थिति के कारण हजारों छात्र-छात्राओं की मूल डिग्रियां हस्ताक्षर के अभाव में धूल फांक रही हैं, जिससे वे उच्च शिक्षा, रोजगार व प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदनों से वंचित हो रहे हैं.

आवास से फाइलों के निष्पादन पर उठाए सवाल

आरएसए कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए कुलपति कार्यालय में उपलब्ध नहीं रहते, जबकि महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय फाइलों का निष्पादन आवास से किया जा रहा है. संगठन का कहना है कि इससे विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

संगठन ने मांग की है कि कुलपति अविलंब नियमित रूप से दफ्तर बैठकर लंबित डिग्रियों पर हस्ताक्षर करें और छात्रों के रुके हुए कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करें. चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो संगठन चरणबद्ध तरीके से उग्र जनआंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी.

प्रदर्शन में ये लोग रहे मौजूद

इस विरोध अभियान में शोध विद्यार्थी संगठन के संयोजक अंकित कुमार सिंह, सह संयोजक विशाल सिंह बॉक्सर, उज्जवल कुमार सिंह, गुलशन यादव, विकास सिंह सेंगर, परमजीत सिंह कुशवाहा और परमेंद्र कुमार सिंह समेत दर्जनों कार्यकर्ता व छात्र उपस्थित रहे.


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By प्रभात किरण हिमांशु

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