Saran News: जिले के रसूलपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में पालतू सुअरों के भारी उत्पात से किसान त्रस्त हो चुके हैं. जहां एक तरफ इलाके के कई गांव नीलगाय के संकट से जूझ रहे हैं, वहीं माधोपुर में इन बेकाबू सुअरों ने 50 बीघे से अधिक मक्के की तैयार फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया है. मेहनत पर पानी फिरता देख किसान रात-रात भर जागकर खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं.
बर्बाद फसल देख रो पड़ी महिला किसान
पीड़ित किसान परदेशी यादव ने बताया कि उनके डेढ़ बीघे मक्के की फसल को सुअरों और नीलगायों ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. वहीं बटाई पर खेत लेकर खेती करने वाली महिला किसान घुंवर साह अपनी उजड़ी फसल देखकर खेत में ही बेहोश हो गईं. उन्होंने रोते हुए कहा कि खून-पसीने की कमाई और महाजन से लिया कर्ज सब मिट्टी में मिल गया है.
पंचायत में मालिक ने खड़े किए हाथ
फसल बर्बादी से आक्रोशित ग्रामीणों ने पूर्व मुखिया विजय कुमार उपाध्याय के यहां पंचायत बुलाई. पंचायत में सुअर पालक रमेश बांसफोर ने बेबसी जाहिर करते हुए कहा कि वह इन्हें गोपालगंज से लाया था, लेकिन अब ये काफी खूंखार हो चुके हैं और उसके नियंत्रण से बाहर हैं. उसने साफ कह दिया कि यदि ग्रामीण या प्रशासन इन्हें मार भी दे, तो उसे कोई आपत्ति नहीं होगी.
किसानों ने की सरकारी मुआवजे की मांग
किसान अनिल कुमार, ओमप्रकाश और दिग्विजय उपाध्याय ने बताया कि आसपास के इलाकों में अभियान चलाकर जंगली जानवरों को हटाया गया, लेकिन चनचौरा पंचायत में लापरवाही बरती गई. किसानों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सांसद और विधायक से मांग की है कि बर्बाद फसलों का आकलन करवाकर पीड़ित किसानों को उचित सरकारी मुआवजा दिलाया जाए.
