Saran Teacher Transfer: सारण जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों को सरप्लस घोषित कर स्थानांतरण किए जाने की प्रक्रिया का विरोध किया है. संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से जिले के उन शिक्षकों में नाराजगी है, जिन्हें सरप्लस मानकर ट्रांसफर करने की तैयारी की जा रही है.
सारण जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद यादव और प्रधान सचिव सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कई ऐसे शिक्षकों को भी ई-शिक्षाकोष पर स्थानांतरण के लिए सरप्लस शिक्षक घोषित कर दिया गया है, जो स्थानांतरण नहीं चाहते हैं. संघ का कहना है कि शिक्षकों की इच्छा के विरुद्ध उन्हें सरप्लस घोषित कर ट्रांसफर के लिए दबाव बनाना उचित नहीं है.
दिव्यांग और गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को लेकर जताई चिंता
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जिले में कुछ शिक्षक दिव्यांग हैं, जबकि कई गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं. इसके अलावा कुछ शिक्षक अपना प्रमोशन छोड़ चुके हैं और कई शिक्षक म्यूचुअल ट्रांसफर के माध्यम से वर्तमान विद्यालय में आए हैं. वहीं, कुछ शिक्षकों की सेवानिवृत्ति भी नजदीक है.
संघ का आरोप है कि ऐसे शिक्षकों को भी उनकी इच्छा के विरुद्ध सरप्लस घोषित कर स्थानांतरण के लिए दबाव बनाया जा रहा है. शिक्षक संघ ने इस प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की है.
शिक्षकों का सिर्फ ऐच्छिक ट्रांसफर करने की मांग
सारण जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों का स्थानांतरण केवल उनकी इच्छा के आधार पर किया जाए. संघ ने सरप्लस घोषित किए गए शिक्षकों की सूची वापस लेने की भी मांग की है.
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया में शिक्षकों की परिस्थितियों और उनकी समस्याओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए. खासकर दिव्यांग, गंभीर बीमारी से पीड़ित और सेवानिवृत्ति के करीब शिक्षकों को राहत देने की जरूरत है.
सरकार और शिक्षा विभाग से हस्तक्षेप की मांग
प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार और शिक्षा विभाग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. संघ का कहना है कि शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उनकी सहमति के आधार पर स्थानांतरण की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए.
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