मां अंबिका भवानी मंदिर के प्रवेश गेट
मां अंबिका भवानी मंदिर, आमी
अंबिका भवानी मंदिर सारण जिले के दिघवारा प्रखंड के आमी गांव में स्थित है और बिहार के प्रमुख शक्ति उपासना स्थलों में गिना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर माता सती से जुड़ा पवित्र स्थल है. यहां चैत्र और शारदीय नवरात्र में विशाल मेला लगता है, जिसमें बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल से लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन यज्ञकुंड और कभी न सूखने वाला कुआं इसकी विशेष पहचान हैं.
मंदिर
गौतम स्थान अहिल्या मंदिर
सारण जिले के रिविलगंज स्थित गौतम स्थान (अहिल्या मंदिर) का संबंध महर्षि गौतम, माता अहिल्या और भगवान श्रीराम की पौराणिक कथा से जुड़ा माना जाता है. मान्यता है कि भगवान श्रीराम के चरण स्पर्श से माता अहिल्या को शाप से मुक्ति मिली थी. यही कारण है कि यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है. यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आगमन होता है, जबकि रामनवमी और अन्य धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में भक्त पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह स्थल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी सारण की प्रमुख धरोहरों में शामिल है.
प्राचीन शिव मंदिर
प्राचीन शिव मंदिर, सिल्हौरी
सारण जिले का यह प्राचीन शिव मंदिर अपनी धार्मिक परंपरा, ऐतिहासिक महत्व और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के लिए प्रसिद्ध है. विशेष रूप से श्रावण (सावन) माह में यहां हजारों शिवभक्त जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए पहुंचते हैं. महाशिवरात्रि, सावन सोमवार और अन्य धार्मिक पर्वों पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. दूर-दराज से आने वाले भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की कामना करते हैं. मंदिर की प्राचीन परंपरा और आध्यात्मिक वातावरण इसे सारण के प्रमुख शिव धामों में शामिल करता है.
हरिहरनाथ मंदिर के मुख्य गेट
हरिहरनाथ मंदिर, सोनपुर
बिहार के सारण जिले के सोनपुर में गंगा और गंडक नदियों के संगम के निकट स्थित हरिहरनाथ मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है. इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां भगवान विष्णु (हरि) और भगवान शिव (हर) एक ही गर्भगृह में संयुक्त रूप से पूजित हैं, इसलिए इसे हरिहरनाथ मंदिर कहा जाता है. मंदिर की परंपराएं और मान्यताएं इसे अद्वितीय बनाती हैं.
भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु
सावन में शिवभक्ति का अद्भुत नजारा
सावन के पावन महीने में शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर पहुंच जाती है. भक्त भगवान भोलेनाथ का जल, दूध, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि, आरोग्य और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं. मंदिरों में हर-हर महादेव के जयघोष और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है.
