Saran News : कोच में जगह नहीं, शौचालय में करते हैं सफर

Saran News : जहां एक ओर भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर अत्याधुनिक तकनीकों से लैस कोच और सेवाएं शुरू कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पूर्णिया कोर्ट से अमृतसर जाने वाली डाउन जनसेवा एक्सप्रेस अपनी बदहाली पर आज भी आंसू बहा रही है.

छपरा. जहां एक ओर भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर अत्याधुनिक तकनीकों से लैस कोच और सेवाएं शुरू कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पूर्णिया कोर्ट से अमृतसर जाने वाली डाउन जनसेवा एक्सप्रेस अपनी बदहाली पर आज भी आंसू बहा रही है. लगभग एक दशक से इस ट्रेन में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है. ट्रेन अब भी पुराने ढर्रे पर चल रही है, जिससे यात्रियों को हर दिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. गर्मी के इस मौसम में जनसेवा एक्सप्रेस की स्थिति और भी खराब हो गयी है. यात्रियों को न केवल शौचालय की समस्या झेलनी पड़ रही है, बल्कि पीने के पानी की भी भारी किल्लत है. कई कोचों में शौचालय गंदगी से भरे हुए हैं और यात्री मजबूरी में वहीं खड़े होकर सफर कर रहे हैं. सीट की कमी इतनी है कि कई यात्री शौचालय के पास या कोच के नीचे बह रही गंदगी के पास बैठकर यात्रा करने को विवश हैं.इससे न केवल स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि मानवीय गरिमा भी तार-तार हो रही है.

भोजन-पानी लेने से भी यात्री करते हैं परहेज

यात्रियों का कहना है कि ट्रेन की स्थिति इतनी खराब है कि वे सफर के दौरान भरपेट खाना भी नहीं खाते, क्योंकि शौचालय का उपयोग करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. भीषण गर्मी में जहां पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, वहीं ट्रेन में पीने के पानी की उपलब्धता नाममात्र की है, जिससे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं. रेल प्रशासन की अनदेखी से नाराजगी

जब प्रभात खबर की टीम ने यात्रियों से बात की, तो उनकी नाराजगी स्पष्ट रूप से सामने आयी. यात्रियों ने बताया कि वे वर्षों से इसी हालत में यात्रा कर रहे हैं, लेकिन न रेलवे प्रशासन और न ही स्थानीय अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं. कई बार स्टेशन मास्टर कार्यालय के पास रखी सुझाव पेटी में शिकायतें दर्ज करायी गयी हैं, लेकिन कोई असर नहीं पड़ा. यात्रियों का कहना है कि सरकार और रेलवे केवल वादे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी जस की तस है.

यात्रियों की मांग-तुरंत हो सुधार

यात्रियों ने मांग की है कि जनसेवा एक्सप्रेस की हालत में अविलंब सुधार किया जाये. कोचों की मरम्मत, शौचालयों की नियमित सफाई, पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था और बैठने की समुचित सुविधा सुनिश्चित की जाये, ताकि यह ट्रेन वास्तव में ””जनसेवा”” बन सके. इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक राजन कुमार ने कहा कि सभी ट्रेनों में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का नियमित प्रयास किया जाता है. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जनसेवा एक्सप्रेस की स्थिति को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जायेगा.

ट्रेनों की पैंट्री कार में अवैध रूप से बैठे यात्रियों की हुई जांच

राजधानी नयी दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में इन दिनों यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस, वैशाली सुपर फ़ास्ट समेत अन्य ट्रेनों के स्लीपर और एसी कोच तो पहले से ही फुल हैं, लेकिन अब भीड़ का दबाव इतना अधिक हो गया है कि यात्री पैंट्री कार तक में सफर करने लगे हैं. इस अव्यवस्था पर अंकुश लगाने को लेकर रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया है. विशेष टीम ने रविवार को छपरा जंक्शन पर बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस की पैंट्री कार में छपरा से सिवान तक सघन जांच अभियान चलाया. यह अभियान वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) शेख रहमान के निर्देश पर डीसीआइ गणेश यादव और आइसीपी छपरा सईद अख्तर की नेतृत्व में चलाया गया. जांच के दौरान पैंट्री कार में अनधिकृत रूप से बैठे यात्रियों को बाहर निकाला गया और उन्हें सख्त चेतावनी दी गयी. साथ ही, खाद्य सामग्री की भी जांच की गयी ताकि गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके. पैंट्री कार मैनेजर को निर्देशित किया गया कि किसी भी परिस्थिति में पैंट्री कार में यात्रियों को बैठने की अनुमति न दी जाये. रेल प्रशासन का कहना है कि लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गयी है. अत्यधिक भीड़ के कारण कई यात्री जानबूझकर पैंट्री कार में घुस जाते हैं. जिससे न केवल कर्मचारियों के कार्य में बाधा आती है, बल्कि सुरक्षा मानकों का भी उल्लंघन होता है. विदित हो की पैंट्री कार मैं यात्री अपने सेटिंग से कर्मियों के मिली भगत से सीट के अभाव में औने पौने दाम देकर यात्रा करते हैं.

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By Alok kumar

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