Bank Strike: बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के करीब 98 प्रतिशत प्रतिनिधित्व वाले यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की गयी. हड़ताल के कारण छपरा में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समेत सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा. बैंक कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में एसबीआई मेन ब्रांच के समीप प्रदर्शन भी किया.
पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने की मांग
हड़ताली बैंक कर्मियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है. कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए.
PLI योजना में संशोधन की मांग
बैंक कर्मियों ने यूनियनों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से PLI योजना में संशोधन करने की मांग की. इसके साथ ही शेष लंबित मुद्दों का समाधान करने की भी मांग रखी गयी.
मांगें नहीं मानी गयीं तो तीन दिन की होगी हड़ताल
बैंक कर्मियों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में तीन दिनों तक हड़ताल की जायेगी. इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गयीं, तो बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे.
बैंक बंद रहने से ग्राहकों को हुई परेशानी
हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित रहा. बैंकिंग कार्य के लिए शाखाओं में पहुंचे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज बंद रहने से दिनभर बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं.
बैंक कर्मचारी नेताओं ने दी जानकारी
हड़ताल की जानकारी मनोज कुमार सिंह, जिला सचिव, बिहार प्रोविंशियल बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन, छपरा, जयशंकर प्रसाद, जिला अध्यक्ष, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर एसोसिएशन, छपरा, ब्रजेश कुमार, क्षेत्रीय सचिव, स्टेट बैंक ऑफिसर एसोसिएशन, सुभाष कुमार सिंह, जोनल सेक्रेटरी तथा पंकज शर्मा, क्षेत्रीय सचिव, स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन, छपरा ने दी.
