Saran Weather News : मॉनसून के यू-टर्न लेने से बनियापुर प्रखंड के किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. पिछले एक सप्ताह से अच्छी बारिश नहीं होने के कारण खेत सूखने लगे हैं और धान की खेती संकट में पड़ गई है. किसानों का कहना है कि अब तक केवल करीब 20 प्रतिशत खेतों में ही धान की रोपनी हो सकी है, जबकि अधिकांश किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं.
खेतों में पड़ने लगी दरारें, पीले पड़ रहे धान के पौधे
किसानों ने बड़ी मुश्किल से पंपिंग सेट के सहारे करीब पखवाड़ा पहले धान का बिचड़ा तैयार किया था. उन्हें उम्मीद थी कि इसके बाद नियमित बारिश होगी और पौधों की बढ़वार अच्छी होगी. लेकिन बारिश नहीं होने से खेतों की नमी खत्म हो रही है, मिट्टी में दरारें पड़ गई हैं और धान के पौधे पीले पड़ने लगे हैं. पानी की कमी से पौधों का विकास भी प्रभावित हो रहा है.
रोपनी पर लगा ब्रेक, किसानों की बढ़ी चिंता
अवध कुमार, संतोष राय, मनोरंजन कुमार, सुदामा ओझा और महेश राम समेत कई किसानों ने बताया कि बिचड़ा पूरी तरह तैयार है, लेकिन खेतों में पानी नहीं होने से रोपनी का काम ठप पड़ा है. आषाढ़ का महीना लगभग सूखा गुजर गया और अब सावन में भी पर्याप्त बारिश नहीं होने से खरीफ की खेती पर संकट गहराने लगा है.
पंपिंग सेट से सिंचाई बनी महंगी, बढ़ रहा खेती का खर्च
बारिश नहीं होने के कारण किसानों को हर पांच से सात दिनों पर पंपिंग सेट से सिंचाई करनी पड़ रही है. पंपिंग सेट संचालक करीब 200 रुपये प्रति घंटे की दर से पानी दे रहे हैं, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है. छोटे, सीमांत और बटाई पर खेती करने वाले किसानों के लिए यह अतिरिक्त खर्च उठाना मुश्किल हो गया है.
नहरों और सरकारी नलकूपों से भी नहीं मिल रही राहत
किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग ने कई नहरों की सफाई तो कराई, लेकिन समय पर पानी नहीं छोड़ा गया. कन्हौली संग्राम स्थित नहर में अब तक पानी नहीं पहुंचा है, जिससे किसानों की उम्मीदें टूट गई हैं. वहीं प्रखंड के एक दर्जन से अधिक राजकीय नलकूपों में अधिकांश खराब पड़े हैं, जिससे किसानों को सरकारी सिंचाई व्यवस्था का लाभ नहीं मिल पा रहा है.
डीजल अनुदान समेत सरकारी सहायता की मांग
किसानों का आरोप है कि सूखे जैसे हालात बनने के बावजूद अब तक विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. उनका कहना है कि पहले ऐसे समय में सरकार डीजल अनुदान जैसी योजनाओं के जरिए राहत देती थी, लेकिन इस बार अब तक ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है. किसानों ने सरकार से जल्द राहत पैकेज, डीजल अनुदान और सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है.
