JPU Teacher-Staff Protest: जय प्रकाश विश्वविद्यालय के संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना दिया. कर्मियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जायेगा. आंदोलनकारियों ने कहा कि मांगों की अनदेखी की गयी तो विश्वविद्यालय प्रशासन को इसके गंभीर परिणाम झेलने होंगे.
यह धरना बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) के आह्वान पर आयोजित किया गया. धरने की अध्यक्षता प्रो. जयकिशोर सिंह ने की, जबकि संचालन संयोजक प्रो. पाठक अरुण कुमार सुमन ने किया.
2011 का अनुदान अब तक लंबित होने पर जतायी नाराजगी
धरने को संबोधित करते हुए शिक्षक नेता प्रो. जयराम यादव ने कहा कि जय प्रकाश विश्वविद्यालय में वर्ष 2011 का अनुदान अब तक लंबित है, जबकि कई विश्वविद्यालयों में वर्ष 2018 तक का अनुदान वितरित किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने लंबित अनुदान के लिए संघर्ष करना होगा.
उन्होंने महासंघ की नौ सूत्री मांगों को पूरा कराने के लिए चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी करने का आह्वान किया.
सत्र 2008-11 का लंबित अनुदान जल्द जारी करने की मांग
महासंघ ने सत्र 2008-11 के लंबित अनुदान को सभी संबद्ध महाविद्यालयों को जल्द से जल्द जारी करने की मांग की. इसके साथ ही सभी लंबित अनुदान का एकमुश्त भुगतान करने की भी मांग उठायी गयी.
महासंघ ने बकाया अनुदान का भुगतान महंगाई दर के अनुरूप करने, वेतन और पेंशन का भुगतान सुनिश्चित करने तथा सीनेट सदस्यों का चयन करने की मांग भी रखी.
विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 रद्द करने की मांग
धरने के दौरान विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को रद्द करने की मांग की गयी. साथ ही न्यायालय के न्यायिक निर्णयों को जल्द लागू करने और सभी महाविद्यालयों में शासी निकाय का विधिवत गठन करने की मांग भी उठायी गयी.
14 सितंबर तक अनुदान नहीं मिला तो आमरण अनशन
धरने को संबोधित करते हुए संयोजक प्रो. पाठक अरुण कुमार सुमन ने घोषणा की कि यदि 14 सितंबर तक अनुदान का वितरण नहीं किया गया तो आमरण अनशन शुरू किया जायेगा. फैक्टनेब के राज्य प्रतिनिधि प्रो. प्रह्लाद सिंह और मीडिया प्रभारी प्रो. भूपेश भीम ने इस घोषणा का समर्थन किया.
आंदोलन को तेज करने का किया आह्वान
धरने को प्रो. राजकिशोर सिंह, प्राचार्य निरंजन कुमार, प्रो. राजेंद्र राय, प्रो. जयबीर ओझा, प्रो. नवीन ओझा, प्रो. राकेश रंजन, प्रो. अखिलेश सिंह, प्रो. डॉ. मोहन कुमार सिंह और प्रो. मनोरमा कुमारी समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया. वक्ताओं ने कहा कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जायेगा. उन्होंने सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों से आगे के संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया.
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