Saran News : जीवित्पुत्रिका व्रत के अवकाश की निर्धारित तिथि में बदलाव की मांग को लेकर शिक्षक नेता समरेंद्र बहादुर सिंह ने शिक्षा विभाग के समक्ष आवाज उठायी है. उन्होंने प्राथमिक शिक्षा निदेशक को ई-मेल के माध्यम से आवेदन भेजकर तीन अक्टूबर को जीवित्पुत्रिका व्रत का अवकाश घोषित करने की मांग की है.
तीन अक्टूबर को है जीवित्पुत्रिका व्रत
समरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि इस वर्ष जीवित्पुत्रिका व्रत तीन अक्टूबर, शनिवार को है, जबकि शिक्षा विभाग की अवकाश तालिका में पांच अक्टूबर को अवकाश निर्धारित किया गया है. उन्होंने कहा कि यह माताओं के लिए महत्वपूर्ण पर्व है. इस दिन महिलाएं संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं.
व्रत के दिन शिक्षिकाओं को होगी परेशानी
शिक्षक नेता ने कहा कि व्रत के दिन शिक्षिकाओं के लिए विद्यालय में पठन-पाठन का दायित्व निभाना कठिन होगा. ऐसी स्थिति में पर्व की महत्ता और शिक्षिकाओं की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए अवकाश की तिथि में संशोधन किया जाना चाहिए.
तीन अक्टूबर को अवकाश देने की मांग
उन्होंने शिक्षा विभाग से तीन अक्टूबर को अवकाश घोषित करने का आग्रह किया, ताकि शिक्षिकाएं बिना किसी कठिनाई के व्रत का पालन कर सकें. उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथि में संशोधन होने से पर्व के दौरान शिक्षिकाओं को सुविधा मिलेगी.
इस मांग के समर्थन में जलालुद्दीन साहब, सत्यनारायण साह, संजय यादव, विनोद राय, इंद्रजीत महतो, हवलदार मांझी, निजाम अहमद, अनुज यादव, पीयूष तिवारी, रणजीत सिंह, जितेंद्र सिंह, मंटू मिश्रा, नवलकिशोर राय, अनिल दास, असगर अली, संतोष सिंह, सतीश सिंह, राहुल कुमार, उपेंद्र यादव, रिंकू अहमद, फिरोज इकबाल, संजय पांडेय, रविंद्र ठाकुर, पंकज प्रकाश सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे.
