Saran News: जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा और एसएफआई के तत्वावधान में सोमवार को वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्रों ने संयुक्त रूप से आक्रोश मार्च निकाला. प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर विरोध जताया.
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उठाई मांग
प्रदर्शन की अध्यक्षता पूर्व छात्र नेता विकाश तिवारी और देवेंद्र कुमार ने की. इस दौरान वक्ताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की.
'पेपर लीक से छात्रों का भविष्य प्रभावित'
जेपी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता एवं करियर मेंटर अर्जुन सिंह ने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों की मेहनत करने वाले छात्रों का चयन प्रक्रिया से भरोसा कम होता जा रहा है.
सोनम वांगचुक के मुद्दे पर संवाद की अपील
अर्जुन सिंह ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर सरकार को टकराव के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि देश के भविष्य निर्माण की मजबूत नींव है. इसलिए छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
प्रदर्शन में अभिमन्यु विश्वकर्मा, मनोरंजन सिंह, रामबाबू सिंह, कृष्णकांत सौरभ (मुखिया जी), नीतीश कुमार, शादाब अहमद मजहरी, रोहित राज, राजू साह (मुखिया), पप्पू यादव, सूरज यादव सहित कई छात्र और कार्यकर्ता शामिल रहे.
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