Saran News : छपरा जिला खेल भवन छपरा में ‘प्रथम’ फाउंडेशन के तत्वावधान में सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी सेविकाओं-सहायिकाओं के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक एवं मानसिक विकास के आकलन के साथ गतिविधि आधारित शिक्षण की प्रभावी प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है.
जमीन पर बैठकर डीएम ने दिया प्रशिक्षण का संदेश
प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम के दौरान जब उन्होंने सभी प्रतिभागियों को जमीन पर बैठकर प्रशिक्षण लेते देखा, तो वह खुद भी जमीन पर बैठ गये और प्रशिक्षण से जुड़ी जरूरी बातें बतायीं. डीएम के इस अंदाज को देखकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गयी.
अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण की आवश्यकता और इसके उद्देश्य पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के समग्र विकास का नियमित और व्यवस्थित आकलन बेहद जरूरी है. इसके लिए सेविकाओं और सहायिकाओं को व्यवहारिक तरीके से प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है.
221 कर्मियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में किया जा रहा प्रशिक्षित
डीएम ने बताया कि प्रशिक्षण के तहत चयनित 18 बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों, 98 महिला पर्यवेक्षिकाओं तथा 105 आंगनबाड़ी सहायिकाओं एवं सेविकाओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है. इन मास्टर ट्रेनरों को बच्चों के विकास का आकलन, गतिविधि आधारित शिक्षण और बाल विकास की प्रभावी प्रक्रिया से संबंधित तकनीकों की जानकारी दी जा रही है.
20 दिनों तक केंद्रों पर होगा व्यवहारिक अभ्यास
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मास्टर ट्रेनरों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में भेजा जायेगा. वहां वे आगामी 20 दिनों तक संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रशिक्षण में सीखी गयी तकनीकों और गतिविधियों का व्यवहारिक अभ्यास करेंगे. इसके बाद मास्टर ट्रेनर अपने क्षेत्र की अन्य आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं को भी प्रशिक्षण और आवश्यक मार्गदर्शन देंगे.
बच्चों के समग्र विकास पर रहेगा फोकस
प्रशिक्षण व्यवस्था का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक एवं मानसिक विकास के आकलन की प्रक्रिया को प्रभावी और नियमित बनाना है. साथ ही गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों को सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है.
मॉडल स्वरूप में विकसित होंगे आंगनबाड़ी केंद्र
मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से प्रशिक्षण को जिले के अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने की योजना है. इससे आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार के साथ उन्हें मॉडल स्वरूप में विकसित करने में मदद मिलेगी. प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी और तकनीकों को जमीनी स्तर पर लागू करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी किरण शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.
