छपरा में घर की छत से सटा बिजली पोल, कहीं उलझे हैं सैकड़ों तार, हादसे का बढ़ा खतरा

शहरी इलाकों में जर्जर बिजली के खंभे और तार अब जानलेवा साबित हो सकते हैं. लगातार शिकायत के बावजूद मेंटेनेंस न होने से हादसों का खतरा बढ़ गया है. जानिए, विभाग ने क्या कहा है.

Saran News: शहरी इलाके में कई ऐसे बिजली के पोल हैं, जो जर्जर हो चुके हैं. कई जगहों पर ऐसे पोल हैं, जिन पर स्ट्रीट लाइट लगायी गयी थी या जहां से बिजली के तार को जोड़ा गया है. इन जर्जर पोल का लंबे समय से मेंटेनेंस नहीं होने के कारण हादसे का खतरा बढ़ गया है.

शहर के बस स्टैंड के पास कोनिया माई मंदिर के समीप एक बिजली का पोल घर की छत से सट गया है. इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. स्थानीय लोगों ने कई बार पोल के मेंटेनेंस को लेकर संबंधित विभाग को आवेदन दिया, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है.

डाक बंगला रोड, साहेबगंज चौक से थाना चौक रोड, सोनार पट्टी, सरकारी बाजार, कटहरी बाग, दौलतगंज, गुदरी, अस्पताल चौक रोड और मोहन नगर समेत कई इलाकों में दर्जनों जर्जर बिजली के पोल हैं. लोगों का कहना है कि ये पोल कभी भी गिर सकते हैं और बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं.

बिजली के जर्जर तार भी दे रहे हादसे को आमंत्रण

विगत तीन-चार वर्षों में शहरी क्षेत्र में बिजली के कवर किये हुए तार लगाये गये हैं. हालांकि, अभी भी कई प्रमुख रिहायशी इलाके और बाजार ऐसे हैं, जहां जर्जर बिजली के तार हादसे को न्योता दे रहे हैं.

शहर के सरकारी बाजार, सोनारपट्टी बाजार, हथुआ मार्केट, सलेमपुर, मौना समेत कई इलाकों में सैकड़ों छोटे-बड़े प्रतिष्ठान हैं. सरकारी बाजार सब्जी और अनाज की मंडी के लिए जाना जाता है. इन इलाकों की संकरी गलियों और सड़कों के आसपास कई जगह बिजली के तार झूल रहे हैं, जिन्हें अब तक बदला नहीं गया है.

सोनार पट्टी चौक पर बिजली के सैकड़ों तार एक-दूसरे में उलझे हुए हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां आये दिन शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं. इसके बावजूद जर्जर तारों के मेंटेनेंस को लेकर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो रही है.

दुर्गापूजा से पहले होगा मेंटेनेंस

ऊर्जा विभाग की ओर से आगामी दुर्गापूजा से पहले शहर के विभिन्न इलाकों में जर्जर पोल और तारों के मेंटेनेंस के लिए गाइडलाइन जारी की गयी है. ऊर्जा विभाग के अधिकारी धीरज सती ने बताया कि शहर के वैसे इलाकों में, जहां बिजली के पोल पुराने हो चुके हैं, उन्हें हटाकर नये पोल इंस्टॉल किये जा रहे हैं.

उन्होंने बताया कि पिछले तीन-चार महीने में 50 से अधिक जगहों पर नये पोल लगाये गये हैं. साथ ही बाजार वाले इलाकों में जहां तार एक-दूसरे से उलझे हुए हैं, वहां कवर किये हुए तार लगाये जा रहे हैं. सुरक्षा से संबंधित उपकरण भी पोल पर लगाये जा रहे हैं, ताकि शॉर्ट सर्किट की घटनाओं को रोका जा सके. डाक बंगला रोड में कई पेड़ों की टहनियां बिजली के तारों से उलझ गयी थीं. विभाग की ओर से उन्हें हटा दिया गया है.

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By प्रभात किरण हिमांशु

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