बरसात में निर्माण ने पकड़ी रफ्तार, लेकिन आवागमन पर लगी ब्रेक

छपरा में डबल डेकर और नाला निर्माण के कारण बरसात में सड़कों की स्थिति बदतर हो गई है। कीचड़ और जलजमाव से स्कूली बच्चों और आम लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है।

'''' शहर में इस समय युद्ध स्तर पर सड़क व नाला निर्माण का कार्य चल रहा है. डबल डेकर निर्माण कार्य ने भी इस समय रफ्तार पकड़ ली है. हालांकि बरसात के बीच निर्माण कार्य के रफ्तार पकड़ने से कई इलाकों में आवागमन भी बाधित हो गया है. खासकर शहर के मेवालाल चौक से मौना, सरकारी बाजार, नगर पालिका चौक, समाहरणालय रोड तक आने वाले लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. स्कूल, कॉलेज कोचिंग आदि जाने वाले बच्चे कीचड़ पार कर आने जाने को मजबूर हैं.'''' प्रतिनिधि, छपरा.शहर के मेवालाल चौक, पंचायत भवन रोड, सरकारी बाजार आदि इलाकों में बरसात के बाद आवागमन बाधित हो गया है. खासकर मेवालाल चौक से समाहरणालय रोड जाने के लिए कोई भी प्रमुख वैकल्पिक सड़क नहीं बची है. डबल डेकर निर्माण कार्य जारी होने के कारण मेवा लाल चौक से नगर पालिका चौक के बीच कई जगह भारी मात्रा में कीचड़ जमा है. वहीं अब बरसात के बाद की स्थिति और भी बदतर हो गयी है. मेवालाल चौक से मौना पंचायत भवन जाने वाली सड़क में इस समय नाला निर्माण कार्य चल रहा है. जिस कारण यहां पहले से ही आवागमन बाधित है. उधर दलदली बाजार होकर जो सड़क करीम चक की ओर जाती है. उसमें भी नाला निर्माण के बाद सड़क में बालू भर दिया गया है. जो बरसात के बाद दलदल के रूप में तब्दील हो चुका है. ऐसे में वाहनों का परिचालन तो इस रूट में पूरी तरह बंद हो गया है. वहीं पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है. मुहल्ले के लोगों का कहना है कि जब से डबल डेकर का निर्माण कार्य चल रहा है. तब से ही आसपास के वैकल्पिक रास्तों में इस प्रकार की समस्या बनी हुई है. कई बार इस संदर्भ में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया. लेकिन ना तो डबल डेकर रूट पर जल्दी काम हो रहा है और ना ही वैकल्पिक रास्तों को दुरुस्त किया जा रहा है. ऐसे में अब लोग लोगों में आक्रोश बढ़ते जा रहा है. कई बार कीचड़ में गिर रहे बच्चे, अभिभावक चिंतित मौना, मौना नीम, मौना पंचायत भवन रोड, सरकारी बाजार, मेवालाल चौक, मौना सांढा रोड आदि इलाकों में आठ से अधिक छोटे-बड़े निजी विद्यालयों का संचालन होता है. दो सरकारी विद्यालय भी इस रूट में संचालित होते हैं. कई कोचिंग संस्थान भी मौजूद हैं. ऐसे में स्कूल या कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राएं आये दिन कीचड़ व जलजमाव के बीच फंस रहे हैं और गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं. बुधवार को भी मौना नीम के पास एक निजी विद्यालय जाने के क्रम में दो बच्चे कीचड़ में फिसल गये इस रूट में भारी मात्रा में कीचड़ जमा है और आने-जाने का कोई दूसरा रास्ता भी नहीं है. अभिभावकों ने कई बार निर्माण एजेंसी से बगल के वैकल्पिक रास्तों को दुरुस्त करने की मांग की है. जिससे आवागमन सहज हो सके. लेकिन इसपर कोई ध्यान नहीं दिया रहा जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी बरसात और अधिक होगी इस स्थिति में तो घर से निकलना भी मुश्किल हो जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Prabhat kiran himanshu

Published by: Janardan Pandey

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >