वित्तरहित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांगों के समाधान की दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महत्वपूर्ण पहल की है. यह जानकारी वित्तरहित शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के उपाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि 17 जुलाई की शाम मुख्यमंत्री के आमंत्रण पर नौ विधान परिषद सदस्यों और मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई.
वेतन, सेवा समायोजन और पेंशन पर हुई चर्चा
बैठक में सेवा समायोजन, नियमित वेतन, पेंशन, स्थायित्व तथा सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. इस दौरान मोर्चा के अध्यक्ष मंडल के सदस्य जयनारायण सिंह मधु, शंभु कुमार सिंह, रामनरेश पांडेय, रामविनेश्वर सिंह तथा उपाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार सिंह मौजूद रहे.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने के दिए निर्देश
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि वित्तरहित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी लंबे समय से नियमित वेतनमान और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं. इस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव एवं संबंधित अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश देने और सभी विधान परिषद सदस्यों से सुझाव लेने पर सहमति जताई.
मोर्चा ने जताया आभार, बढ़ी उम्मीदें
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री की इस पहल को वित्तरहित कर्मियों के लिए उम्मीद की नई किरण बताया. मोर्चा का कहना है कि इस पहल से वेतन, पेंशन और अन्य सुविधाओं के समाधान का रास्ता खुल सकता है. प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और बैठक में शामिल सभी विधान परिषद सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया.
