Rajendra Stadium saran: सारण शहर के राजेंद्र स्टेडियम में परमहंस दयाल समाधि स्मृति समारोह एवं व्याख्यानमाला श्रद्धा, आध्यात्मिक चिंतन और वैचारिक गरिमा के साथ संपन्न हुई. समारोह में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया.
प्रेमाद्वैत दर्शन पर महात्मा व्यासानंद महाराज का उद्बोधन
समारोह के संयोजक एवं अध्यक्ष महात्मा व्यासानंद महाराज ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में परमहंस दयाल जी महाराज के प्रेमाद्वैत दर्शन की विस्तार से व्याख्या की. उन्होंने कहा कि सत्पुरुष के प्रति प्रेम जीव के तापत्रय को समाप्त कर उसके हृदय में परमात्मा के अनुभव का मार्ग प्रशस्त करता है. उन्होंने कहा कि परमात्मा ही परमानंद स्वरूप हैं और गुरु के प्रति सच्चा प्रेम ही परमानंद प्राप्ति का आधार है.
मंत्री और सांसद ने लिया आशीर्वाद
समारोह में बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह 'टाइगर' तथा महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने भी सहभागिता की. दोनों अतिथियों ने स्वामी सत्यानंद महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया और परमहंस दयाल जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आध्यात्मिक जीवन को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया.
विद्वानों ने रखे विचार
व्याख्यानमाला में महात्मा शब्दयोगानंद, महात्मा धर्मदर्शनानंद, महात्मा निर्मल प्रकाशानंद, महात्मा ओंकारानंद, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रह्लाद बाबू, लोककवि एवं बिरहा गायक मंगल कवि, संजय कुमार सिंह (वाइस प्रेसिडेंट, जेपी मॉर्गन, अमेरिका), डॉ. अमृता श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त आईएएस उदय कुमार सिंह, डॉ. रामजन्म मिश्रा, डॉ. रंजीत कुमार, अवध बिहारी मितवा, डॉ. लाल बाबू राय, डॉ. नित्यानंद राय, पंडित अमर तिवारी, आदित्य स्वरूप पाठक, डॉ. धीरेन्द्र कुमार सिंह और वैभव सिंह ने परमहंस दयाल जी महाराज के जीवन, कृतित्व, प्रेमाद्वैत दर्शन तथा उसके सामाजिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर अपने विचार रखे.
स्वागत भाषण और मंच संचालन
कार्यक्रम का स्वागत भाषण डॉ. राणा यशवंत सिंह ने दिया, जबकि मंच संचालन डॉ. सुशील कुमार सिंह ने किया. समारोह के दौरान पूरे वातावरण में आध्यात्मिक श्रद्धा, प्रेम और वैचारिक मंथन का अनुपम संगम देखने को मिला.
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