sri krishna utsav: गड़खा प्रखंड के कोठियां-नरांव स्थित मनोकामना पूर्ण भगवान सूर्यनारायण मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पखवारे के समापन के बाद अखंड अष्टयाम और छठिहार का आयोजन किया गया. पिछले 24 घंटे से मंदिर परिसर भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से भक्तिमय बना रहा. अखंड अष्टयाम की समाप्ति के बाद छठिहार का आयोजन किया गया. इसके बाद संत-महात्माओं और ब्राह्मणों के लिए भंडारा हुआ तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया.
मदनपुर, नरांव, धनौड़ा, कोठियां, चैनपुरवा, गोपालपुर, सप्तापुर, मुसेपुर, सोडा गोदाम, धर्मबागी, नरांव टोला, डुमरी, रसुलपुर और बलुआ सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन में शामिल हुए. भक्तों ने भगवान सूर्यनारायण के दरबार में पूजा-अर्चना कर अपनी श्रद्धा अर्पित की. अखंड अष्टयाम के दौरान गूंजते भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.
श्री नारायण विश्व शांति संत निवास का उद्घाटन
धार्मिक अनुष्ठान के साथ मंदिर परिसर में ‘श्री नारायण विश्व शांति संत निवास’ का उद्घाटन भी किया गया. इसका उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अमरनाथ राय ने किया. आयोजन समिति के अनुसार, संत निवास के निर्माण से क्षेत्र में आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी.
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला.
12.99 लाख की लागत से होगा फेवर ब्लॉक निर्माण
कार्यक्रम के दौरान सूर्यनारायण मंदिर पोखरा धाम परिसर के उत्तर और पूरब दिशा में 12 लाख 99 हजार रुपये की लागत से फेवर ब्लॉक निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया. शिलान्यास जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अमरनाथ राय ने किया.
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही परिसर को अधिक व्यवस्थित और सुंदर स्वरूप दिया जा सकेगा. छठ व्रतियों के लिए भी फेवर ब्लॉक लगने से परिसर में आवागमन सुविधाजनक होगा.
इस योजना के अभिकर्ता प्रवीण कुमार सिंह, सहायक जिला परिषद, सारण हैं. ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए शुरू की गयी पहल का स्वागत किया.
युवाओं ने स्वच्छता का दिया संदेश, 30 नवयुवक सम्मानित
धार्मिक आयोजन के साथ मंदिर परिसर में स्वच्छता को लेकर भी युवाओं ने पहल की. सूर्यनारायण मंदिर सेवा समिति से जुड़े स्थानीय करीब 30 नवयुवकों ने श्रमदान कर मंदिर परिसर की साफ-सफाई की और इसे स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में योगदान दिया.
युवाओं के सेवा भाव और सामाजिक सरोकार की सराहना करते हुए जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अमरनाथ राय ने सभी नवयुवकों को सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता केवल पूजा-अर्चना से नहीं, बल्कि उनकी स्वच्छता और सेवा से भी बनी रहती है.
