Saran News: सारण जिले के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है. अब पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट लेने के लिए सरकारी अस्पतालों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. जांच पूरी होते ही रिपोर्ट का लिंक मरीज के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए भेज दिया जाएगा, जिसे घर बैठे आसानी से डाउनलोड किया जा सकेगा. स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को बेहतर और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह नई व्यवस्था शुरू की है.
इसी क्रम में छपरा सदर अस्पताल में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर अत्याधुनिक पैथोलॉजी हब स्थापित किया गया है. यहां आधुनिक मशीनों के माध्यम से फिलहाल 87 प्रकार की जांच निशुल्क की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग जल्द ही इसे बढ़ाकर 135 प्रकार की जांच तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है.
जिलेभर के सरकारी अस्पतालों से आ रहे सैंपल
स्वास्थ्य विभाग ने साइंस हाउस लेबोरेटरी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से छपरा सदर अस्पताल को जिले का केंद्रीय पैथोलॉजी हब बनाया है. अब केवल सदर अस्पताल ही नहीं, बल्कि अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से भी मरीजों के सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं.
संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर एजेंसी के कर्मी सैंपल संग्रह कर उन्हें जांच के लिए सदर अस्पताल लाते हैं. जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट तैयार कर मरीज के मोबाइल पर एसएमएस के जरिए लिंक भेज दिया जाता है. अगले दिन संबंधित स्वास्थ्य केंद्र को रिपोर्ट की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध करा दी जाती है.
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किस अस्पताल में कितनी जांच की सुविधा
जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) अरविंद कुमार ने बताया कि जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में चरणबद्ध तरीके से आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
- सदर अस्पताल – 87 प्रकार की जांच
- अनुमंडलीय अस्पताल – 76 प्रकार की जांच
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) – 63 प्रकार की जांच
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एवं शहरी पीएचसी – 46 प्रकार की जांच
उन्होंने बताया कि वर्तमान में सदर अस्पताल में 87 जांच आधुनिक मशीनों से की जा रही हैं, जबकि अन्य आवश्यक जांच स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए किट के माध्यम से की जाती हैं. भविष्य में यहां 135 प्रकार की जांच शुरू करने की योजना है.
निजी लैब और दूसरे शहरों पर निर्भरता होगी कम
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब मरीजों को महंगी जांच के लिए निजी लैब या दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा. सरकारी अस्पताल में ही अत्याधुनिक मशीनों से गुणवत्तापूर्ण जांच मुफ्त उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है. वहीं मोबाइल पर रिपोर्ट मिलने से समय और यात्रा खर्च दोनों की बचत हो रही है.
सिविल सर्जन बोले- मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधा
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य मरीजों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ जांच सुविधा उपलब्ध कराना है. डिजिटल रिपोर्टिंग व्यवस्था शुरू होने से मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए अस्पताल के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं. आने वाले समय में जांच की संख्या बढ़ाकर 135 की जाएगी, जिससे और अधिक मरीजों को लाभ मिलेगा.
मरीजों ने बताया राहतभरा बदलाव
बनियापुर निवासी अतुल कुमार ने बताया कि पहले रिपोर्ट लेने के लिए दो-तीन बार अस्पताल आना पड़ता था, लेकिन अब मोबाइल पर ही रिपोर्ट मिल जाती है. इससे समय और किराया दोनों की बचत हुई है.
वहीं छपरा शहर के भगवान बाजार की वीणा देवी ने कहा कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच और मोबाइल पर रिपोर्ट मिलने से इलाज पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है. निजी लैब में होने वाले अतिरिक्त खर्च से भी राहत मिली है.
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