सारण में आंगनबाड़ी केंद्र मिला बंद तो सेविका और सहायिका का कटेगा वेतन, जा सकती है नौकरी, DM का आदेश

Chapra Anganwadi Centre : छपरा डीएम वैभव श्रीवास्तव ने आंगनबाड़ी केंद्र समय पर नहीं खोलने पर मानदेय कटौती, सरकारी भवनों में स्थानांतरण और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.

Chapra Anganwadi Centre : छपरा में अगर आंगनबाड़ी केंद्र समय पर नहीं खुलेगा तो सेविका और सहायिका के मानदेय से कटौती की जाएगी. यह सख्त आदेश छपरा डीएम का है. दरअसल, छपरा जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने शनिवार को जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के साथ आईसीडीएस, वन स्टॉप सेंटर और हब फॉर इंपावरमेंट से संबंधित कार्यों की समीक्षा की. बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. डीएम ने स्पष्ट कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

Chapra Anganwadi Centre : समय पर नहीं खुले तो क्या होगी कार्रवाई?

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर खुलें और बच्चों को समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने कहा कि जिस दिन कोई आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिलेगा, उस दिन सेविका एवं सहायिका के मानदेय में कटौती की जाएगी. यदि इसके बाद भी लापरवाही जारी रहती है तो संबंधित सेविका एवं सहायिका को संविदा से मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी.

Chapra DM : निजी भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को कहां किया जाएगा स्थानांतरित?

डीएम ने निर्देश दिया कि निजी भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से पंचायत सरकार भवन के उपलब्ध कमरों अथवा अन्य सरकारी संस्थानों में स्थानांतरित किया जाए. उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों में संचालित केंद्रों से बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी.

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Saran News: आंगनबाड़ी केंद्रों पर कौन-कौन सी सुविधाएं होंगी उपलब्ध?

बैठक में जिलाधिकारी ने सरकारी भवनों में संचालित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर चापाकल, नल-जल योजना, शौचालय और विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. इसके लिए संबंधित कार्यपालक अभियंताओं से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया. उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर पोषण और विकास के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है.

पालनाघरों में बच्चों की संख्या बढ़ाने पर क्यों दिया गया जोर?

समीक्षा बैठक में डीएम ने पालनाघरों में बच्चों की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को इस सुविधा का लाभ दिलाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि कार्यरत महिलाओं को भी इसका लाभ मिल सके. बैठक में आईसीडीएस से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश भी दिया गया.

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Published by: Sanjay Bhardawaj

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