Retired Teacher: स्वच्छ भारत अभियान के तहत बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक सच्चिदानंद शर्मा ने गुरुवार को विभिन्न विद्यालयों में स्वच्छता अभियान चलाया. सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्होंने प्राथमिक विद्यालय कन्हौली संग्राम, मुस्लिमपुर, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय नारायण टोला, पकवा इनार तुरहा टोली समेत आधा दर्जन विद्यालयों में पहुंचकर छात्रों और शिक्षकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया.
निजी कोष से बच्चों और रसोइयों को बांटा साबुन
अभियान के दौरान सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक ने अपने निजी कोष से स्वच्छता सामग्री का वितरण किया. बच्चों और विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों के बीच साबुन बांटा गया. इस दौरान बच्चों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी गयी और नियमित रूप से साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित किया गया.
खाना खाने और शौच के बाद हाथ धोने का दिलाया संकल्प
अभियान के दौरान बच्चों को खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने का संकल्प दिलाया गया. बच्चों को बताया गया कि हाथों की गंदगी कई बीमारियों का कारण बन सकती है. नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने और स्वच्छता का ध्यान रखने से कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है.
स्वच्छता से ही साकार होगा स्वच्छ भारत का सपना
सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक सच्चिदानंद शर्मा ने कहा कि देश के नागरिक इस बार आजादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी में हैं. ऐसे समय में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छता के प्रति जागरूक होने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार किया जा सकता है.
सामाजिक पहल की हो रही सराहना
विद्यालयों में चलाये गये स्वच्छता जागरूकता अभियान और निजी स्तर पर स्वच्छता सामग्री के वितरण की स्थानीय गणमान्य लोगों ने सराहना की. लोगों ने कहा कि बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की ऐसी पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है और इससे स्वच्छता की आदतों को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
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