बंद बोतलों में हो रहा पेट्रोल व डीजल का काला कारोबार

छपरा (सारण) : जिले के ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर भी खुलेआम बोतलों में पेट्रोल व डीजल बिक रहा है. बंद बोतलों में पेट्रोल व डीडल में मिलावट कर धड़ल्ले से बेंचा जा रहा है. लेकिन प्रशासन मौन है, जिला से लेकर प्रखंड तक के जिम्मेदार अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं. जांच-पड़ताल नहीं होने से […]

छपरा (सारण) : जिले के ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर भी खुलेआम बोतलों में पेट्रोल व डीजल बिक रहा है. बंद बोतलों में पेट्रोल व डीडल में मिलावट कर धड़ल्ले से बेंचा जा रहा है. लेकिन प्रशासन मौन है, जिला से लेकर प्रखंड तक के जिम्मेदार अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं. जांच-पड़ताल नहीं होने से बिक्री करने वालों के हौसले बुलंद हैं. नियमानुसार बिना वाहन के बोतल और केन में पेट्रोल भरकर ले जाना व उसकी बिक्री करना अवैध है. पंप संचालकों को बोतल में पेट्रोल नहीं देना है.

हां अगर कोई ज्यादा मजबूरी है या वाहन पेट्रोल की वजह से कुछ दूरी पर बंद हो गया तो, दिया जा सकता हैं. लेकिन पेट्रोल पंपों पर तैनात सेल्समैन नियमों को ताक पर रखकर पेट्रोल बेच रहे है. ऐसा करना कालाबाजारी की श्रेणी में आता है. सबसे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती हैं कि ग्रामीण क्षेत्र से प्रखंड मुख्यालय तक अधिकारियों का भी आना-जाना होता हैं, फिर भी किसी तरह की कार्रवाई न होना समझ से परे है.

क्या कहते हैं अधिकारी
डीजल पेट्रोल की खुले स्थानों पर बिक्री करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है और इस मामले में कार्रवाई के लिए सभी प्रखंडों के आपूर्ति पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया है. साथ ही बीडीओ- सीओ को भी निर्देश दिया गया है.
चेतनारायण राय , अनुमंडल पदाधिकारी , छपरा सदर
बाजारों में ऐसे होता है िमलावट का खेल
जानकारी के अनुसार नकली पेट्रोल बनाने में सल्वेंट नामक केमिकल का रंग का प्रयोग किया जाता है. वही आज कल इसका प्रयोग डीजल में भी हो रहा है. कारोबारी एक लीटर असली पेट्रोल में दो लीटर पेट्रोल तैयार करते है. इसका प्रमाण नकली पेट्रोल रखे खाली बोतल का रंग देखकर भी लगाया जा सकता है. इस वजह से प्रायः अगलगी की घटना होते रहती है. साथ ही नकली पेट्रोल व डीजल का कारोबार फल फूल रहा है.
हमेशा बनी रहती है हादसे की आशंका
सड़क किनारे के साथ ही अब तो, दुकानों में भी लोग पेट्रोल रखकर इस तरह बेच रहे हैं. जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. लगता है प्रशासन भी किसी बड़े हादसे का ही इंतजार कर रहा है. मोटर वाहन मिस्त्री की माने तो, बोतल बंद पेट्रोल में 30 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक की मिलावट की जाती है. जिस कारण प्रदूषण का भी स्तर बढ़ जाता है. छपरा-मांझी एनएच 19 पर इलई, गोदना मोड़, सेमरिया चट्टी, रिविलगंज हाईस्कूल, मांझी चट्टी पर स्थित दुकानों में बोतलों में पेट्रोल व डीजल बेचते हुए देखे जाता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >