सोनपुर से किडनैप नौवीं के छात्र सन्नी को सीतामढ़ी लॉज से किया बरामद
छपरा / पटना : सोनपुर थाना क्षेत्र के वृंदावन कॉलोनी से 300 मीटर दूर बस स्टाफ पर स्कूली बस से उतर कर घर जा रहे 9 वीं के छात्र सन्नी कुमार के अपहरण के 36 घंटे बाद उसे सही सलामत बरामद कर लिया गया है. अपराधियों ने मंगलवार को दिन में 1:40 बजे चार पहिया […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
छपरा / पटना : सोनपुर थाना क्षेत्र के वृंदावन कॉलोनी से 300 मीटर दूर बस स्टाफ पर स्कूली बस से उतर कर घर जा रहे 9 वीं के छात्र सन्नी कुमार के अपहरण के 36 घंटे बाद उसे सही सलामत बरामद कर लिया गया है. अपराधियों ने मंगलवार को दिन में 1:40 बजे चार पहिया गाड़ी से पिस्टल के दम पर उसका अपहरण किया था. उसे मुजफ्फरपुर के रास्ते सीतामढ़ी लेकर चले गये थे. वहां पर समीर नाम के युवक की मदद से कारगिल चौक के पास मौजूद फातिमा लॉज में छात्र को बंधक बनाकर रखा गया था.
इसके बाद अपराधी पटना के बहादुरपुर में पंचवटी कॉलोनी में मौजूद गुप्ता लॉज में आ गये थे. यहां से छात्र के पिता लल्लन कुमार को फोन करके 60 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी. रुपया नहीं देने पर जान से मार देने की धमकी दी थी. इस अपहरण के बाद सारण पुलिस ने चौबीस घंटे तक छानबीन किया. इसके बाद पता चला कि जिस मोबाइल नंबर से फिरौती की डिमांड की गयी है, वह नंबर मोकामा के आईडीप्रूफ से लिया गया है. इसके बाद सारण पुलिस ने पटना पुलिस की मदद ली और पटना पुलिस ने 12 घंटे के अंदर सन्नी को सीतामढ़ी फातिमा लॉज से सही सलामत बरामद कर लिया. छात्र के घरवालों ने पटना पुलिस को इसके लिए बधाई दी है.
पटना पुलिस ने इस अपहरण कांड को अंजाम देने वाले पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है. जबकि छठवें अपराधी रंजन कुमार निवासी वैशाली की तलाश जारी है. गिरफ्तार किये गये लोगों में इस पूरे मामले का किंगपिन रौशन भी गिरफ्तार किया गया है. रौशन ने बताया कि एक महीने पहले वैशाली जिले के लालगंज के एक मैदान में गांजा पीने के दौरान सन्नी की किडनैपिंग की साजिश रची गयी थी. रंजन नाम के हार्डकोर क्रिमिनल ने इस मामले में रौशन का भरपूर साथ दिया था. महीने भर की रेकी के बाद सन्नी को किडनैप किया गया था. एसएसपी मनु महाराज के अनुसार अपहरण के दौरान कार में रौशन, रंजन, गौतम और कौशल थे.
सन्नी के घरवालों ने पांच लोगों के नाम पुलिस को बताये थे
दरअसल सन्नी सारण के सेंट पाल हाईस्कूल में पढ़ता है. वह डेढ़ से दो बजे के बीच स्कूल से घर आ जाता है. ठेकेदारी करने वाले उसके पिता लल्लन कुमार जब मंगलवार को शाम चार बजे जब साइड से घर पहुंचे तो उनकी पत्नी ने बताया कि सन्नी घर नहीं आया है. घरवालों को पहले लगा कि वह अपने किसी दोस्त के यहां गया होगा, लेकिन काफी छानबीन के बाद सन्नी के सहपाठी ने बताया कि वह बस स्टाफ पर उतरा था, इसके बाद स्कूल पर भी जाकर छानबीन की गयी, 19 नंबर बस से वह जाता है, उसके चालक से पूछताछ हुई, उसने बताया कि वह बस स्टाफ पर उतरा था. इसके बाद से ही अाभास हो गया था कि उसका अपहरण हो गया है.
मामला सोनपुर थाने पहुंचा. केस दर्ज कर मामले की पड़ताल की जा रही थी. इस बीच बुधवार को जब फोन करके अपराधियों ने रंगदारी मांगी तो पुलिस को लीड मिल गयी. पता चला कि जिस नंबर से फोन किया गया है वह मोकामा से खरीदा गया. यहीं से पटना पुलिस को जांच में शामिल किया गया और पुलिस ने मोकामा से सबसे पहले संतोष नाम के युवक को उठाया था. फिर पुलिस अपराधियों तक पहुंची. इस मामले में सन्नी के दादा महेंद्र राय ने चार लोगों पर शक जाहिर किया था. इसमें रजनीश, कुंदन, राणा प्रताप सिंह, पुट्टू सिंह, चंदन सिंह पर शक जाहिर किया गया था. राणा प्रताप सिंह ने सन्नी क चाचा अशोक सिंह से 10 लाख रुपये की गिट्टी खरीदा था लेकिन पैसा नहीं दिया था. इसको लेकर 2016 में विवाद हुआ था. पैसा मांगने पर राणा प्रताप सिंह ने रंगदारी का केस दर्ज करा दिया था. इसी विवाद को अपहरण का कारण बताया गया था. पुलिस इस आरोप को भी खंगाल रही है.
अपहरण के बाद बहादुर सन्नी डरा नहीं, अपराधियों को ऐसे किया गुमराह
अपहरण के बाद सन्नी को पिस्टल सटा दिया गया था. अंदर से तो वह डर गया था लेकिन उसने हिम्मत दिखायी और दिमाग से काम लिया. अपराधियों को उसने बताया कि उसके पिता रेलवे में नौकरी करते हैं. तुरंत फिरौती दे देंगे. जबकि अपराधी बार-बार कहते थे कि उसके पिता कांट्रेक्टर हैं.
सन्नी ने रेलवे में नौकरी करने और तत्काल फिरौती की रकम मिल जाने का आश्वास देकर अपराधियों को झांसे में रखा. यही वहज है कि अपराधियों के चंगुल में रहने के बावजूद अपराधियों ने उसके साथ मारपीट नहीं की. लेकिन जैसे ही रंगदारी मांगने के लिए फोन किया गया, वैसे ही अपराधी पुलिस के जाल में फंस गये.
अपहरणकर्ताओं तक ऐसे पहुंची पुलिस
फिरौती मांगने के लिए अपराधियों ने जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया, उसका सिमकार्ड मोकामा से खरीदा गया था. एसएसपी के निर्देश पर मोकामा के थानेदार मो. कैसर आलम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संतोष कुमार को पकड़ा. पूछताछ में इससे मिली निशानदेही पर पटना के बहादुरपुर में गुप्ता लॉज की जानकारी हुई. जहां पर बहादुरपुर के थानेदार कृष्णकांत गुप्ता ने छापेमारी की. गुप्ता लॉज से किडनैपिंग के मास्टर माइंड रौशन और कौशल को पकड़ा.
इनके पास से सन्नी का स्कूल बैग, कपड़ा, पिस्टल और दो गोली बरामद किया. इन दोनों से पूछताछ के बाद सीतामढ़ी के फातिमा लॉज में सन्नी को छिपाकर रखे जाने की जानकारी हुई. जिसके बाद अगमकुआं के थानेदार कामाख्या नारायण सिंह, मोकामा के थानेदार मो कैसर आलम और स्पेशल सेल के तेजतरार्र सब इंस्पेक्टर मृत्युंजय व नवीन कुमार को सीतामढ़ी भेजा गया. गुरुवार की सुबह 4 बजे किडनैप सन्नी को बरामद कर लिया गया. मौके से टीम ने समीर और गौतम को पकड़ा.
पुलिस को अब इस मामले में फरार रंजन की तलाश है. इस मामले की एफआईआर सोनपुर थाने में दर्ज की गयी है. पकड़े गये अपराधियों में दो बिदूपुर के हैं, दो लालपुर के हैं और एक शिवहर का है. जबकि वैशाली के रहने वाले रंजन कुमार की तलाश की जा रही है.