छपरा (सारण) : सदर अस्पताल शहर का सबसे बड़े अस्पतालों मंे से है, लेकिन इन िदनों मरीजोें को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसकी वजह है अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा का बािधत होना. बता दें िक अस्पताल का अल्ट्रासाउंड सेंटर 12 दिनों से बंद है. इस वजह से मरीजों को निजी अल्ट्रा साउंड सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है.
सबसे अधिक परेशानी गरीब व असहाय मरीजों को हो रही है. आपात कालीन मरीजों की जांच में बाधा उत्पन्न हो रही है. अल्ट्रा साउंड सेंटर बंद होने का कारण राज्य स्वास्थ्य समिति से किये गये एकरारनामा समाप्त होना है. 12 दिनों से यह सुविधा बंद है. 25 अप्रैल तक ही एकरारनामा था, जो समाप्त हो गया और 26 अप्रैल से यह सुविधा बंद गयी है. बताते चले कि आउट सोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व एक्सरे की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है. अवधि समाप्त होने के पहले एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू नहीं किया गया. इस वजह से अचानक अल्ट्रासाउंड व एक्सरे की सुविधा बंद हो गयी.
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत हो रहा है एक्सरे
राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर सदर अस्पताल में एक्सरे की वैकल्पिक व्यवस्था की गयी है, लेकिन अब तक अल्ट्रासाउंड की सुविधा की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी है. प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. सदर अस्पताल में प्रतिदिन करीब पांच-छह सौ मरीज उपचार कराने के लिए आते हैं, जिसमें से लगभग पचास मरीजों का एक्सरे व करीब 25 से 30 मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जाता है. इसमें सबसे अधिक गरीब व असहाय गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड होता है. आपातकालीन मरीजों का भी अल्ट्रासाउंड किया जाता है. 26 अप्रैल से मरीजों को निजी अल्ट्रा साउंड सेंटरों में जांच कराने को विवश होना पड़ रहा है.
