कोर्ट ने अपने आदेश की अवहेलना पर वरीय अधिकारियों को दिया पत्र

छपरा(कोर्ट) : व्यवहार न्यायालय के किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी सीमा एरम ने अपने आदेश की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए जिले के एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक और एक पुलिस अधिकारी का वेतन स्थगित करने को लेकर उनके वरीय अधिकारियों को पत्र भेजा है. न्यायिक पदाधिकारी ने जिनके वेतन स्थगित करने को […]

छपरा(कोर्ट) : व्यवहार न्यायालय के किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी सीमा एरम ने अपने आदेश की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए जिले के एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक और एक पुलिस अधिकारी का वेतन स्थगित करने को लेकर उनके वरीय अधिकारियों को पत्र भेजा है. न्यायिक पदाधिकारी ने जिनके वेतन स्थगित करने को पत्र भेजा है, उनमें दरियापुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय रानीपुर के प्रधानाध्यापक और मशरक थाने के दारोगा अजय कुमार पासवान शामिल हैं.

ज्ञात हो कि न्यायिक पदाधिकारी ने दरियापुर थाना कांड संख्या 295/17 में गिरफ्तार कथित किशोर की आयु की जांच के लिए प्रधानाध्यापक से नामांकन पंजी प्रस्तुत करने का आदेश दिया था. इसको लेकर शो-कॉज किया गया. उसके बाद स्मारपत्र जारी किया गया. फिर भी प्रस्तुत नहीं किया गया, तो 22 फरवरी को उनके विरुद्ध सम्मन निर्गत हुआ और उन्हें हस्तगत कराया गया, तो उन्होंने लेने से इन्कार कर दिया. इसे कोर्ट के आदेश की अवमानना मानते हुए उनके विरुद्ध जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजा है.

वहीं उन्होंने मशरक थाना कांड संख्या 83/17 में गिरफ्तार एक कथित किशोर द्वारा दारोगा के विरुद्ध दर्ज शिकायत को लेकर जांच रिपोर्ट व केस डायरी कि मांग की गयी थी . इसको लेकर कोर्ट ने शो-कॉज नोटिस भी जारी किया. इसी बीच आईओ ने उक्त किशोर को फरार बताते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दिया जबकि किशोर गिरफ्तारी के समय से ही न्यायिक हिरासत में था. इसको गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने उनके वेतन को स्थगित करने को लेकर एसपी को पत्र भेजा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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