छपरा(कोर्ट) : एक युवक द्वारा पड़ोस की नाबालिग लड़की को घरेलू कार्य कराने के बहाने अपने घर मे बुलाने और उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले में दोषी करार आरोपित को न्यायालय ने सश्रम कारावास व जुर्माने की सजा सुनायी है. मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अशोक कुमार गुप्ता ने गड़खा थाना कांड संख्या 183/17 की अंतिम सुनवाई की. इसमें लोक अभियोजक सुरेंद्र नाथ सिंह व सहायक पिंकी कुमारी ने सरकार की ओर से अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट से मुजरिम को अधिकतम सजा देने का अनुरोध किया, तो वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कम से कम सजा दिये जाने का आग्रह किया.
दोनों पक्षों की सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपित को पोक्सो एक्ट के तहत सात वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनायी है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा का आदेश दिया है. ज्ञात हो कि गड़खा थाना क्षेत्र के कुचाव निवासी कन्हैया राय, जिसे मुजरिम करार दिया गया है, पर उसी गांव की 13 वर्षीया एक किशोरी ने 26 अप्रैल, 2017 को थाने में मामला दर्ज कराया था. इसमें आरोप लगाया था कि आरोपित ने उसे गेहूं फटकने के बहाने अपने घर ले गया और कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की. उसने खूब विरोध किया.
इसके बाद वह किसी तरह उसके चंगुल से निकल अपने घर गयी. उसकी हालत देख बड़ी बहन ने पूछा तो सारी घटना बतायी . बड़ी बहन ने इसकी जानकारी पूरे परिवार को दी. जब वे सब केस करने थाना जा रहे थे तो रास्ते मे कन्हैया ने सभी की हत्या कर देने का भय दिखा उन्हें वापस करा दिया, लेकिन अगले दिन पीड़िता के पिता के आने पर मामला दर्ज हो सका था.
