छपरा की गुड़िया न्यूजीलैंड में भरेगी जीवन की उड़ान

छपरा : सारण जिले की एक बच्ची को न्यूजीलैंड के रहनेवालों ने गोद लिया है. बुधवार के दिन न्यूजीलैंड से आई रिबेका व उनकी मां यूलांडा ने सारण समाहरणालय पहुंचकर सारी कागजी कार्रवाईयां पूरी की व गुड़िया को गोद लिया. डीएम हरिहर प्रसाद ने अपने कार्यालय में न्यूजीलैंड से आये दोनों महिलाओं से बात की […]

छपरा : सारण जिले की एक बच्ची को न्यूजीलैंड के रहनेवालों ने गोद लिया है. बुधवार के दिन न्यूजीलैंड से आई रिबेका व उनकी मां यूलांडा ने सारण समाहरणालय पहुंचकर सारी कागजी कार्रवाईयां पूरी की व गुड़िया को गोद लिया. डीएम हरिहर प्रसाद ने अपने कार्यालय में न्यूजीलैंड से आये दोनों महिलाओं से बात की व उन्हें गुड़िया को सुपुर्द किया.

सारण की गुड़िया के सपनों को अब नयी उड़ान मिलेगी. 3 वर्ष की गुड़िया अपने मां रेबेका की गोद में खेल रही थी. डीएम हरिहर प्रसाद के कार्यालय प्रकोष्ठ में इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए उप विकास आयुक्त रोशन कुशवाहा व एडीएम अरुण कुमार समेत अन्य उपस्थित थे.
बात ही बात में डीएम ने गुड़िया से पूछा कि व्हाट इज योर नेम, गुड़िया ने तपाक से अपना नाम बताया. फिर डीएम साहब ने अगला सवाल न्यूजीलैंड से आयी रेबेका की ओर इशारा करते हुए पूछा कि हु इज शी तो गुड़िया बोली मॉम. इसके बाद सभी अधिकारी मुस्कुराने लगे. तभी एक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि गुड़िया को न्यूजालैंड में कोई दिक्कत न हो इसलिए वो इंग्लिश सीख रही है. जबकि रेबेका व उसके परिजन हिंदी सीख रहे हैं. प्रभुनाथ नगर स्थित दत्तक केंद्र में कार्यरत प्रवीर कुमार सिन्हा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक संस्था कार्यरत है जिसका नाम आफा है.
यह संस्था ऐसे बच्चों को विदेश में रह रहे लोगों को अपनाने का मौका देती है. जिन्हें उनके परिजन जन्म के उपरांत छोड़ चुके होते हैं. यही रेबेका ने ऑनलाइन आवेदन आज से करीब 6 माह पहले किया था, जिसका नंबर कुछ दिन पूर्व आया व रिबेका गुड़िया को अपनाने के लिए सारण आयी.प्रभात खबर से विशेष बातचीत में रिबेका ने बताया कि वो भारत की सभ्यता व संस्कृति से काफी प्रभावित है. इसलिए उसने भारतीय बच्चे को अपनाने का निश्चय किया. उसने बताया कि उसके इस निर्णय से परिजन काफी खुश हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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