छपरा(सारण) : ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे अब रेल ट्रैक की वीडियो रिकॉर्डिंग करायेगा. रिटायर हो रहे अनुभवी रोलिंग स्टॉफ की कमी के चलते रेल संरक्षा पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों के चलते यह फैसला लिया गया है. यह काम शुरू कर दिया गया है. कई बड़े स्टेशनों पर इसकी शुरुआत हो चुकी है. अब छपरा जंक्शन पर भी जल्द ही ट्रैक की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से होगी. रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि रोलिंग एक्जामिनेशन प्वाइंट (रोलिंग हट) से रोलिंग स्टाक (कोच, वैगन और इंजन) के अंडर गियरों (रोलिंग स्टॉक के नीचे का हिस्सा, जैसे स्प्रिंग, पहिया, ब्रेक व अन्य) की निगरानी वीडियो रिकॉर्डिंग करके की जायेगी.
अब रेल ट्रैकों की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग
छपरा(सारण) : ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे अब रेल ट्रैक की वीडियो रिकॉर्डिंग करायेगा. रिटायर हो रहे अनुभवी रोलिंग स्टॉफ की कमी के चलते रेल संरक्षा पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों के चलते यह फैसला लिया गया है. यह काम शुरू कर दिया गया है. कई बड़े स्टेशनों पर इसकी शुरुआत हो चुकी […]

रेलवे ट्रैक को सीसीटीवी कैमरे से कवर किया जायेगा : इस प्रणाली में प्लेटफॉर्मों की लाइनों को सीसीटीवी कैमरों से कवर किया जाता है, जिससे वहां से गुजरने वाले रोलिंग स्टॉकों के अंडर गियरों की रिकॉर्डिंग एवं परीक्षण कर किसी गड़बड़ी का पता लग सके. प्रत्येक ऐसे स्थान पर तीन कैमरे लगाये जायेंगे.
निगरानी कैमरे 60 फ्रेम प्रति सेकंड की रफ्तार से फोटो खींचने के साथ इंटरनेट प्रोटोकाल (आईपी), 12 एक्स जूम, फोकल और नाइट विजन जैसी विभिन्न उन्नत सुविधाओं से लैस हैं. इन कैमरों से मिलने वाले आंकड़ों को एक महीने तक सुरक्षित रखा जायेगा. रेल संचालन को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए तकनीक का लाभ उठाने का हरसंभव प्रयास हो रहा है. यह एक अपेक्षाकृत कम लागत वाला समाधान है, जिससे गलतियों के छूटने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है.
बोले अिधकारी
ट्रेन दुघर्टनाओं को रोकने के लिए रेलवे ने यह प्रयास शुरू किया है. फिलहाल बड़े-बड़े स्टेशनों पर इसकी शुरुआत होगी. कई जगहों पर इसकी शुरुआत हो चुकी है. छपरा जंक्शन पर बहुत जल्दी इस प्रणाली को शुरू किया जा सकता है. इस योजना के लागू होने से ट्रेन दुर्घटनाओं पर काफी कमी आयेगी.
अशोक कुमार,जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी मंडल