राहत. सात माह से बंद बालू के व्यवसाय को शुरू करने के विभाग के निर्देश पर डीएम ने जारी किया पत्र
छपरा (सदर) : सारण जिले में लाल बालू के खनन एवं व्यवसाय का काम एक फरवरी से शुरू हो गया है. इस संबंध में पूर्व की कंपनी मेसर्स ब्रॉडसन कॉमोडेटिज प्राइवेट लिमिटेड, आरा को ही विभाग ने पूर्व में बंद की गयी बंदोबस्ती को चालू कर दिया है.
इस संबंध में एक फरवरी को सारण के डीएम हरिहर प्रसाद ने सरकार के निर्देश के आलोक में सभी थानाध्यक्षों को पत्र लिखकर संबंधित बालू व्यवसाय करने वाली कंपनी जिसे वर्ष 2015 से 19 तक व्यवसाय के लिए अधिकृत किया गया है, उसे बालू घाटों के संचालन में प्रशासनिक सहयोग के लिए लिखा है.
खान निरीक्षक सह खनन पदाधिकारी उमेश चौधरी के अनुसार पर्यावरण स्वीकृति के बाद ही सारण जिले में बालू व्यवसाय के लिए संबंधित कंपनी को पुन: अधिकृत किया गया है. कंपनी ने पूर्व के बकाया एवं चालू वित्तीय वर्ष के अग्रिम राशि के रूप में भी प्रशासन को तीन करोड़ 30 लाख 31 हजार 611 रुपये भुगतान कर दिया गया है जिसे जिला खनन विभाग ने विभाग के खाते में जमा कर दिया है.
नेशनल ग्रीन ट्यूबनल के द्वारा गत वर्ष एक जुलाई से 30 सितंबर तक जलीय जीवों के जीवन रक्षा एवं प्रजनन के मद्देनजर एक जुलाई, 2017 से 30 सितंबर, 2017 तक नदी में खनन, नावों के परिचालन तथा व्यवसाय पर रोक लगा दी गयी थी. बावजूद कंपनी के द्वारा लाल बालू का व्यवसाय किया गया था. इसे लेकर ही सरकार ने संबंधित कंपनी के बंदोबस्ती को रद्द कर दिया था जिसे लेकर मेसर्स ब्रॉडसन कॉमोडोटिज प्राइवेट लिमिटेड पटना उच्च न्यायालय में मुकदमा दायर की थी जिसमें न्यायालय ने कंपनी को सर्वप्रथम सारण जिले के डीएम के न्यायालय में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया था.
इसके आलोक में सारण के डीएम हरिहर प्रसाद ने सुनवाई कर पूरे मामले में अपना मंतव्य खनन विभाग के प्रधान सचिव को भेजा था. इसके बाद पूरी स्थिति से अवगत होने तथा खनन विभाग के समझौते का अनुपालन करने के कंपनी के आश्वासन के बाद एक फरवरी, 2018 को डीएम के निर्देश पर खनन पदाधिकारी ने अपने कार्यालय के पत्रांक 207 के द्वारा बालू व्यवसाय की अनुमति संबंधित कंपनी को दे दी.
lएनजीटी के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में सात माह से बंद था लाल बालू व्यवसाय
ढुलाई करने वालों पर विभाग की नजर
विभिन्न ट्रक संचालकों द्वारा सारण, सीवान व गोपालगंज में बालू ले जाने के नाम पर चालान बनवाने तथा उसे उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में ले जाकर भारी कीमत पर बेचने की कारगुजारी को विभाग ने गंभीरता से लिया है. खनन पदाधिकारी चौधरी की माने तो, सारण, सीवान, गोपालगंज में बालू ले जाने के नाम पर फर्जी चलान बनाकर उत्तर प्रदेश में बालू बेचने वाले ट्रकचालकों पर विभाग की नजर है. बुधवार की रात ऐसे 21 ट्रकों को विभिन्न थाना क्षेत्रों में जब्त किया गया है.
वहीं बालू को जिला भंडार गृह में लाया गया है. अब ओवर लोडेड एवं गलत चलान वाले बालू के वाहनों के खिलाफ ही कार्रवाई की जायेगी. अब जिले में लाल बालू का व्यवसाय पूरी तरह से चालू हो गया है.
निर्माण कराने तथा करने वाले मजदूरों में आदेश के बाद खुशी
सात माह से लाल बालू के व्यवसाय को प्रतिबंधित किये जाने के कारण बालू की भारी किल्लत को लेकर जिले में हजारों निजी एवं सरकारी भवन, सड़क, पुल-पुलिया बनाने वाले विभिन्न विभागों के ठप पड़े कार्यों में जहां तेजी आयेगी वहीं बालू व्यवसाय पर रोक होने के कारण मकान या अन्य निर्माण कार्य में दैनिक मजदूरी कर अपना परिवार चलाने वाले जिले के लगभग 10 हजार मजदूरों को भी अब बालू व्यवसाय शुरू होने के कारण खुशी है. उनका कहना है कि निर्माण कार्य में तेजी आने से मकान बनाने, प्लास्टर करने, आदि को मकान में सेट करने आदि कामों में तेजी आने से उन्हें रोजगार मिलेगा.
