चचेरे भाई व पत्नी ने हत्या की रची थी साजिश

इंजीनियर हत्याकांड का खुलासा . 50 लाख की बीमा राशि के लालच में की गयी हत्या तरैया : इंजीनियर कृष्ण मोहन तिवारी की हत्या चचेरे भाई ने ही गोली मार कर की थी. हत्या का कारण इंजीनियर की दूसरी पत्नी के साथ अवैध प्रेम संबंध तथा 50 लाख रुपये की बीमा राशि है. यह महत्वपूर्ण […]

इंजीनियर हत्याकांड का खुलासा . 50 लाख की बीमा राशि के लालच में की गयी हत्या

तरैया : इंजीनियर कृष्ण मोहन तिवारी की हत्या चचेरे भाई ने ही गोली मार कर की थी. हत्या का कारण इंजीनियर की दूसरी पत्नी के साथ अवैध प्रेम संबंध तथा 50 लाख रुपये की बीमा राशि है. यह महत्वपूर्ण खुलासा एसआईटी ने की है. इंजीनियर की हत्या के बाद पुलिस अधीक्षक हरकिशोर राय ने एसआईटी का गठन किया था. इस आशय की जानकारी मढ़ौरा एएसपी अशोक कुमार सिंह ने तरैया थाना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में गुरुवार को दी. उन्होंने बताया कि 13 दिसंबर को इंजीनियर की गोली मार हत्या की गयी थी.
इस घटना में चार लोगों की संलिप्तता सामने आयी है.
इस मामले में पुलिस ने चचेरे भाई तथा उसके एक दोस्त को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि तरैया थाना क्षेत्र के डेवढ़ी गांव के समीप इंजीनियर की हत्या की घटना को अंजाम दिया गया था. उन्होंने बताया कि हत्या के बाद मृतक के भाई मुन्ना तिवारी ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी. हत्या की इस घटना का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती बन गयी थी. पुलिस ने पूरी तत्परता व सक्रियता के साथ कार्रवाई शुरू की. गठित एसआईटी ने घटनास्थल की जांच की, परिजनों का बयान लिया, मृतक के मोबाइल का सीडीआर (काल डिटेल्स रिपोर्ट) को खंगाला. इसी क्रम में चौंकाने वाली बात सामने आयी. इंजीनियर कृष्ण मोहन तिवारी की दूसरी पत्नी का हत्यारे सतीश कुमार तिवारी से अवैध प्रेम संबंध उजागर हुआ और जांच में यह बात भी सामने आयी कि कृष्ण मोहन तिवारी ने अपना 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस कराया था. सतीश कुमार तिवारी व इंजीनियर की दूसरी पत्नी ने पचास लाख रुपये की बीमा राशि हासिल करने की लालच में हत्या की साजिश रची. इस मामले में इंजीनियर की दूसरी पत्नी की भी संलिप्तता सामने आयी है. हत्या की घटना को अंजाम देने के लिए सतीश ने अपने तीन दोस्तों का सहारा लिया. उन्होंने बताया कि हत्या की घटना को अंजाम देने के लिए साजिश रचने में प्रयोग किये गये मोबाइल को भी बरामद किया गया है. उन्होंने बताया कि मृत इंजीनियर मढ़ौरा थाना क्षेत्र के कोल्हुआ तिवारी टोला गांव निवासी थे. उन्होंने कहा कि इस मामले का खुलासा करने में तकनीकी टीम की भूमिका काफी सराहनीय रही है. उन्होंने कहा कि मृतक की पत्नी तथा मृतक के चचेरे भाई सतीश कुमार तिवारी के बीच वर्षों से प्रेम प्रसंग का मामला चल रहा था. मृतक के चचेरे भाई सतीश कुमार तिवारी तथा उसके दोस्त अजीत कुमार तिवारी तथा दो अन्य साथियों ने इंजीनियर की गोली मारकर हत्या कर दिया. अपराधी सतीश कुमार तिवारी व इनके मित्र अजीत कुमार तिवारी को हत्या में प्रयुक्त मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया गया. दोनों अपराधियों ने अपने बयान में हत्या में अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया है. एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार सतीश कुमार तिवारी के खिलाफ छपरा नगर थाना में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज है और उसमें सतीश के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुका है. तीन वर्ष पहले सतीश कुमार तिवारी ने छपरा शहर के दर्शन नगर मुहल्ले से एक ठेकेदार के पुत्र का अपहरण कर लिया था. वह ठेकेदार के मकान में ही किरायेदार था और मकान मालिक के पुत्र का अपहरण फिरौती की वसूली करने के लिए कर लिया था जिसे मढ़ौरा से एक बंद मकान के अंदर से गिरफ्तार किया गया था और अपहृत बच्चे को बरामद किया गया था. सतीश कुमार तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. उन्होंने बताया कि इंजीनियर की हत्याकांड में शामिल दो अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. गिरफ्तार अपराधी सतीश कुमार तिवारी व अजीत कुमार तिवारी को पुलिस ने जेल भेज दिया.

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